बांदा। दुष्कर्म और हत्या के आरोप में 12 साल की जेल काटने के बाद अदालत ने दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया। फैसला लगभग 12 साल बाद आया।
बबेरू कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में अनुसूचित जाति की महिला 28 जुलाई 2010 को सुबह खेत गई थी, फिर नहीं लौटी। देर शाम परिजनों ने तलाश शुरू की तो खेत में उसका शव मिला। पति चंद्रकिशोर ने दुष्कर्म के बाद हत्या की अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने विवेचना में थाना क्षेत्र के पौहार गांव निवासी मुलायम सिंह को आरोपी बताते हुए गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पैरोकार आदि न होने से जमानत नहीं हो सकी। न ही कोई जेल में मिलने आया।
मुख्य लीगल एडवोकेट मूलचंद्र कुशवाहा ने आरोपी मुलायम सिंह की पैरवी की। दोनों पक्षों की सुनवाई और सुबूतों आदि के बाद सोमवार को विशेष न्यायाधीश (एससीएसटी एक्ट) ने आरोपी को दोष मुक्त कर दिया।