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भाषण और कविताओं से महिलाओं की महिमा बताई

Sun, 08 Mar 2015 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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विश्व महिला दिवस पर महिलाओं के हौसले बढ़ाने वाले भाषणों की धूम रही। महिलाओं ने खुद भी कविताओं और संबोधनों के जरिए अपनी तारीफों के पुल बांधे। पूरा दिन जगह-जगह गोष्ठियां और अन्य कार्यक्रम हुए।
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जिला महिला चिकित्सालय में विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में संगोष्ठी हुई। इसकी अध्यक्षता कर रहे विशेष न्यायाधीश राम कुमार ने कहा कि महिलाएं अपने आपको साक्षर बनाएं ताकि पुरुषों से आगे रहें। उन्होंने घरेलू महिला हिंसा अधिनियम के बारे में भी बताया।

सिविल जज नरेश कुमार ने कहा कि यह भारत सरकार की योजना है। इसका गठन 1975 में हुआ और महिला वर्ष मनाया। 8 मार्च को महिला सशक्तीकरण मनाने के निर्देश मिले। सीएमएस डॉ.ऊषा सिंह ने महिलाओं के स्वास्थ्य और समृद्धीकरण के लिए शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाएं बताईं।
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स्टाफ नर्स आरती पांडेय ने कविता से महिलाओं की महिमा बयां की। डॉ.कंचन ने महिला कानून बताए। महिला डिग्री कालेज की प्रवक्ता डॉ.माया वर्मा ने साक्षरता पर जोर दिया। गोष्ठी में डॉ.संजीव वर्मा, डॉ.एचएन सिंह, डॉ.राधेश्याम चौहान आदि मौजूद रहे।

महिला कांग्रेस ने काशीराम कालोनी (हरदौली घाट) में गोष्ठी की। अध्यक्ष सीमा खान ने इंदिरा गांधी को महिला शक्ति की मिसाल बताते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का आह्वान किया। कहा कि गृहणी पढ़ी-लिखी होगी तो परिवार मेें शिक्षा का माहौल बेहतर होगा।

गोष्ठी में शिव देवी, अनीता, शहनाज, कौशिल्या, उत्तरा, सीमा, अनवरी, नुजहत, रीतू, ज्योति, सबा आदि मौजूद रहीं। हार्पर क्लब मेें आर्ट आफ लिविंग और आकांक्षा समिति ने सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए। आकांक्षा समिति की अध्यक्ष डॉ.विमलेश राठौर (धर्मपत्नी डीएम) और मंजू गौतम (धर्मपत्नी जिला जज) ने दीप जलाया। आर्ट आफ लिविंग सदस्यों ने भजन गाए।

डॉ.विमलेश ने कविता सुनाई। खेल प्रतियोगिताओं में विजेता महिलाओं को पुरस्कार बांटे। समिति सचिव डॉ.सीमा सिंह ने आभार जताया। यहां कुसुम पांडेय (पत्नी एडीएम), डॉ.ऊषा सिंह, रतना झा, कल्पना सिंह, आर्य कन्या प्रबंधक शमीम बानो, नीता ओमर, नुपुर, ज्योत्सना पुरवार, शशि सिंह, आराधना शर्मा आदि मौजूद रहीं। डीएम की पुत्री दीपांशी और जर्मन से आईं एलेक्जेंड्रा ने भी लुत्फ लिया।

चंद्रदास रिसर्च इंस्टीट्यूट में आयोजित गोष्ठी में निदेशक डॉ.चंद्रिका प्रसाद दीक्षित ‘ललित’ ने कहा कि बुंदेलखंड नारी संवेदना को जगाने में हमेशा विश्व में आगे रहा है। उन्होंने काव्य पंक्तियां भी प्रस्तुत कीं। गोष्ठी में डॉ.जेपी यादव, पूर्व क्रीड़ाधिकारी सबल सिंह, उत्कर्ष दीक्षित, डॉ.शशि प्रभा आदि शामिल हुए।

जन शिक्षण संस्थान में बोर्ड आफ मैनेजमेंट सदस्य शिल्पी खरे ने महिलाओं को मन लगाकर लक्ष्य हासिल करने की प्ररेणा दी। एमआईएस मैनेजर (हमीरपुर) सौरभ खरे, कार्यक्रम अधिकारी संजय पांडेय, सहायक कार्यक्रम अधिकारी शैलेंद्र गुप्ता, समाजसेवी कन्हैयालाल, ट्रेनर कुमारी श्वेता, अनुदेशिका कुमारी सुमन, चित्रा त्रिवेदी आदि ने भी लोगों को संबोधित किया।

समर्पण मानव कल्याण समिति ने बांधा पुरवा में गोष्ठी की। अध्यक्षता डॉ.अनिल सिंह भदौरिया ने की। संचालन निधि तिवारी ने किया। शन्नो राय ने महिलाओं को समाज में उचित स्थान मिलने की वकालत की। गोष्ठी में शैल कुमारी, खुशी, बसंती, संजू, गीता, रामे यादव, सत्यदेव आदि मौजूद रहे।
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