जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा ने निर्माण कार्यों में की जा रही ठेकेदारों की धांधली और मनमानी पर नाराजगी जताई। नलकूपों से आपरेटर लापता रहने पर भी अधिशासी अभियंता से असंतोष जताया।
अभियंता ने बताया कि 537 नलकूपों में 18 बंद हैं। दावा किया कि 519 नलकूप चल रहे हैं। बुधवार को जिला पंचायत अध्यक्ष के कक्ष में आयोजित सिंचाई बंधु समिति की बैठक में अध्यक्ष ने नहरों की कटिंग और टेल तक पानी पहुंचने की समीक्षा की। यह भी जानकारी की कि नहरों की सफाई के लिए कितना पैसा आवंटित हुआ है।
सदस्य प्रतिनिधि राम प्रकाश साहू ने पचासाहार में क्षतिग्रस्त झाल के शीघ्र निर्माण को प्रस्ताव पेश किए। अध्यक्ष ने महोखर मजरे में मवई माइनर में बाईपास के आगे पिचिंग दीवार ऊंची कराने के निर्देश दिए। नलकूप खंड अधिशासी अभियंता ने बताया कि 16 नलकूप तैयार हैं। इनमें 14 का विद्युतीकरण बाकी है।
कहला गांव में लघु सिंचाई विभाग द्वारा बनाए जा रहे चेकडैम का ग्रामीणों के विरोध पर अध्यक्ष ने इसे उपयोगी स्थान पर बनाने के निर्देश दिए। मूूंगुस, गोखरही और सैमरी नालों पर बन रहे रपटों में मानक के मुताबिक काम न होने और ठेकेदार की मनमानी करने पर अध्यक्ष ने नाराजगी जताई। बिलबई में चेकडैम निर्माण के निर्देश दिए।
सदस्य गीता सागर ने मरका-बैरफ में और कमलेश श्रीवास ने पोंगरी में बंजारा पुरवा नाले में चेकडैम निर्माण का प्रस्ताव रखा। बैठक में गजेंद्र सिंह पटेल, जयराम सिंह, राजकुमार कुशवाहा, महेंद्र पाल वर्मा, धर्मेंद्र सिंह परिहार, रामकृपाल पटेल, धीरज राजपूत सहित कई विभागों के अधिकारी शामिल रहे।