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सपा के सात विधायक, फिर भी मंत्रिमंडल से साफ

Tue, 27 Sep 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बांदा
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cm - फोटो : amar ujala
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बांदा। किसी बुंदेलखंडी को ‘लाल बत्ती’ वाली सरकारी कार पर सवार देखने की आखिरी उम्मीद भी टूट गई। अपने मंत्रिमंडल के आठवें और शायद अंतिम विस्तार में भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुंदेलखंड को ठेंगा दिखा दिया। बुंदेलियों को मलाल है कि उन्होंने बुंदेलखंड में सपा के पांच विधायकों की संख्या बढ़ाकर सात कर दी। करीब 11 लाख से ज्यादा वोट दिए। इसके बाद भी उनके बीच का कोई नुमाइंदा अखिलेश के मंत्रिमंडल में मुकाम नहीं पा सका।
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बुंदेलखंड के लिए बड़े-बड़े दावे और हमदर्दी जताने वाले सपा नेता और खुद मुख्यमंत्री के पास बुंदेलखंडियों के इस सवाल का शायद ही जवाब हो कि उन्होंने बुंदेलखंड के साथ इतनी बेरुखी क्यों अपना रखी है ? जबकि बसपा सरकार में बुंदेलखंड को एक दर्जन से ज्यादा लाल बत्तियां हासिल थीं। नसीमुद्दीन सिद्दीकी, बाबू सिंह कुशवाहा, दद्दू प्रसाद, बादशाह सिंह कैबिनेट मंत्री थे। कई लोगों को विभिन्न आयोगों में बैठा कर लालबत्ती से नवाजा गया था। सपा सरकार से उम्मीद थी कि वह भी बुंदेलखंड को सरकार में पर्याप्त नुमाइंदगी देगी लेकिन अखिलेश सरकार के गठन के बाद एक-एक करके अब तक आठ बार मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है, पर बुंदेलखंड को ठेंगा ही दिखाया गया है। वर्ष 2012 के मुख्य विधान सभा चुनाव में बुंदेलखंड से सपा को पांच सीटों पर सफलता मिली थी। बाद में दो उप चुनाव में भी उसके प्रत्याशी जीते। इन्हें मिलाकर 19 सीटों वाले बुंदेलखंड में सपा विधायकों की संख्या सात हो गई है लेकिन किसी को भी मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला।

बुंदेलखंड में सपा के विधायक

विधायक             क्षेत्र             वोट
विशंभर सिंह यादव     बबेरू         41,548
वीर सिंह पटेल         चित्रकूट         49,022
रश्मी आर्या         मऊरानीपुर         67,781
दीपनारायण सिंह         गरौठा         70,041
दयाशंकर वर्मा         उरई             67,111
उर्मिला राजपूत         चरखारी         50,000
शिवचरण प्रजापति     हमीरपुर         -


सरकार न रहते हुए बसपा ने दी लालबत्ती
बांदा। सपा भले ही बुंदेलखंड की उपेक्षा करती रहे लेकिन बसपा का बुंदेलखंड के प्रति प्रेम जाहिर हो रहा है। बसपा सरकार में तो यहां लाल बत्तियों की भरमार तो थी ही, सत्ता में न रहने पर भी बुंदेलखंड को तरजीह दी। बसपा ने विपक्ष में रहते हुए खुद को मिली अपनी दोनों लाल बत्तियां बुंदेलखंड (बांदा) को सौंप रखी हैं। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी और विधानसभा में नेता विरोधी दल गयाचरण दिनकर बुंदेलखंड के हैं। श्री सिद्दीकी एमएलसी और श्री दिनकर एमएलए हैं। नेता प्रतिपक्ष होने के नाते उन्हें लाल बत्ती और मंत्री का दर्जा मिला हुआ है।
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