बांदा। दूसरे चरण के चल रहे कोरोना वैक्सीनेशन (टीकाकरण) में बृहस्पतिवार को आईएएस और आईपीएस अफसर आगे आए। इन्होंने खुद टीका लगवाया। अन्य अधिकारियों ने भी वैक्सीन ली। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, विकास भवन, पुलिस लाइन, बबेरू, अतर्रा और नरैनी सीएचसी में भी फ्रंटलाइन वर्कर्स ने टीके लगवाए।
मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह और पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायणा ने जिला अस्पताल में टीके लगवाए। पुलिस अधीक्षक डॉ. एसएस मीणा ने भी टीका लगवाया। इन अफसरों ने कहा कि टीका दर्द रहित है, कोई दिक्कत नहीं हुई। सीडीओ हरिश्चंद्र वर्मा, अपर एसपी महेंद्र प्रताप, सीओ अजय भदौरिया, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संजीव बघेल ने भी टीका लगवाया। 30 मिनट आर्ब्जवेशन के बाद सभी अधिकारी अपने काम पर चले गए। सीएमओ डॉ. एनडी शर्मा और सीएमएस उदयभान सिंह इस दौरान मौजूद थे। सीएमओ ने बताया कि फ्रंटलाइन वर्करों में राजस्व, पुलिस और होमगार्ड जवानों का टीकाकरण किया गया। सीएमओ ने विकास भवन और पुलिस लाइन बूथों का निरीक्षण किया। (संवाद)
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महुटा में रपटे से नहीं रोकी गई जलधारा
डीएम बोले, रपटा हटाने के दिए गए निर्देश
वरासत में गड़बड़ी या ढिलाई नहीं होगी माफ
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। डीएम आनंद कुमार सिंह ने कहा कि अतर्रा तहसील के महुटा गांव में बागै नदी पर बनाए गए रास्ते में जलधारा का बहाव नहीं रोका गया। उधर, डीएम ने वरासत सत्यापन अभियान में बृहस्पतिवार को बिसंडा तहसील और बिसंडा ग्रामीण में सत्यापन किया।
डीएम ने बताया कि पट्टाधारक ने नदी के बायीं ओर 20 प्रतिशत खनन क्षेत्र तक पहुंचने के लिए कोई अन्य वैकल्पिक रास्ता न होने से जलधारा की दायीं व बायीं ओर से ट्रैक्टर निकालने के लिए 20-25 लंबा और 3 मीटर चौड़ा रपटा बना लिया था। इसमें जलधारा का प्रवाह नहीं रोका गया। इस रपटे से खनिज का परिवहन नदी की दाहिनी ओर संपर्क मार्ग तक लाया जा रहा था। पट्टाधारक को रपटा हटाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा कि जलधारा से करीब 20-25 घन मीटर तक बालू निकाली गई थी। यह शर्तों का स्पष्ट उल्लंघन है। पट्टाधारक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है कि डीएम और एसपी ने बुधवार को महुटा खदान का निरीक्षण किया था। उधर, खनिज विभाग ने शहर कोतवाली क्षेत्र में 8, और देहात कोतवाली में 7 ओवर लोड ट्रक बीती रात पकड़े। इन्हें पुलिस को सौंप दिया गया।
उधर, वरासत सत्यापन अभियान में डीएम ने बिसंडा तहसील के बिसंडा ग्रामीण में सत्यापन किया। ग्रामीण राममिलन द्वारा शिकायत करने की उसके पिता की मृत्यु के तीन वर्ष बाद भी वरासत दर्ज नहीं हुई। इस पर डीएम ने एसडीएम जेपी यादव को निर्देश दिए कि वरासत दर्ज नहीं है तो लेखपाल को सस्पेंड करें। लेखपाल धर्मेंद्र कुमार ने खतौनी पढ़कर सुनाई। दर्ज खातेदारों से सत्यापन कराया गया। 67 खातेदारों की मृत्यु पर सभी की वरासत दर्ज बताई गई। डीएम ने चेतावनी दी कि वरासत में गड़बड़ी या ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी। एसडीएम से कहा कि इस बारे में उन्हें अवगत कराएं। लेखपालों को चेतावनी दें। ग्रामीणों ने हैंडपंप खराब होने की शिकायत की। डीएम ने बीडीओ को हैंडपंप दुरुस्त कराने और सर्वे कराकर पात्रों का पेंशन आवेदन ऑनलाइन कराने के निर्देश दिए। अतर्रा तहसीलदार भी मौजूद थे।