बांदा। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में अब सपा और
बसपा का सीधा मुकाबला होगा। सबसे चर्चित और दूसरों के लिए चुनौती बनी सरिता
द्विवेदी ने नाम वापस ले लिया।
बसपा समर्थित एक अन्य सदस्य भी
बैकफुट पर आ गईं। अब चुनाव मैदान में सपा की घोषित और बसपा की अघोषित
प्रत्याशी के बीच मुकाबला होगा। मतदान सात जनवरी को होगा।
सोमवार
को सुबह से कलेक्ट्रेट परिसर में नामांकन वापस लेने की गहमा-गहमी शुरू हो
गई। तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। नाम वापसी का अंतिम समय तीन बजे
तक था।
दोपहर बाद 2:35 बजे सरिता द्विवेदी के प्रस्तावक जिला
पंचायत सदस्य राजभवन उपाध्याय कलेक्ट्रेट आए और उप जिला निर्वाचन
अधिकारी/एडीएम डीएस पांडेय को नाम वापसी का आवेदन सौंपा।
औपचारिकता
पूरी करने के बाद सरिता द्विवेदी के नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई। इस
अवसर पर भाजपा नेता और जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष जगराम सिंह भी उपस्थित
थे।
नाम वापसी समय के मात्र पांच मिनट पूर्व 2:55 बजे बसपा की जिला
पंचायत सदस्य विनीतिका द्विवेदी ने भी उप निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के
समक्ष पेश होकर अपना नाम वापस ले लिया।
दो नाम वापस हो जाने के बाद अब अध्यक्ष पद के लिए सपा की निर्मला सिंह और बसपा की कैलशिया के बीच चुनावी जंग होगी।
कैलशिया
वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा की पत्नी हैं। कलेक्ट्रेट परिसर
में सपा, बसपा और भाजपा आदि दलों के नेता और कार्यकर्ता आखिरी समय तक
आखिरी समय तक मंडराते रहे।