बांदा। नशे की हालत में डंडे से पीट-पीटकर मां को मौत के घाट उतार देने के जुर्म में बेटे को अदालत ने दस साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। घटना दो वर्ष पूर्व की है।
चिल्ला थाना क्षेत्र के बरेठी कलां गांव में 31 मई 2018 की रात करीब 8 बजे 65 वर्षीय चंदा देवी अपने घर पर थीं। इसी दौरान पुत्र कृष्ण कुमार द्विवेदी उर्फ बादे उनसे अभद्रता करने लगा। कुछ ही देर में चंदा देवी पर लाठी से हमला कर दिया।
पड़ोसी बचाने को दौड़े पर वह नहीं माना। ताबड़तोड़ वार से मरणासन्न हो गई वृद्धा को छोड़कर भाग निकला। यूपी-100 पुलिस मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से जख्मी चंदा देवी को जिला अस्पताल लाई। यहां कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। बताया गया कि घटना के समय आरोपी बेटा नशे में था।
घटना की रिपोर्ट मृतका की पुत्रवधू नीलम ने चिल्ला थाने में पहली जून 2018 को दर्ज कराई। पुलिस ने अगले दिन 2 जून को शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतका के शरीर में 13 गंभीर चोटें पाई गईं। सिर पर भी गंभीर चोट मिली।
गुरुवार को इस घटना के मुकदमे का अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने फैसला सुनाया। न्यायाधीश ने आरोपी बेटे को धारा 304 आईपीसी में दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जुर्माना अदा न कर पाने पर दो माह की कैद और होगी। धारा 504 में 6 माह की कैद और एक हजार रुपये जुर्माना किया। यह जुर्माना न देने पर 14 दिन जेल में और रहना होगा। अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता देवदत्त मिश्रा ने पैरवी की।