संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। दीपावली की रात हुई आतिशबाजी का असर तीन दिन तक दिखाई दिया। हालात यह रहे कि बुधवार को एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 254 रहा। आसमान में सारा दिन धुएं के गुबार की तरह धुंध छाई रही।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह स्थिति खतरनाक तो नहीं, लेकिन अच्छा भी नहीं है। एक्यूआई 300 के ऊपर पहुंच जाता तो हवाएं जहरीली हो जाती हैं। आम लोगों को सांस लेने में दिक्कत उत्पन्न होने लगती।
सोमवार की दोपहर शहर का एक्यूआई (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 147 था। रात्रि में आतिशबाजी के बाद एक्यूआई बढ़ने लगा। सुबह तक यह 254 पर पहुंच गया। जिसका असर दो दिन तक रहा। आसमान में काले रंग की धुंध छाई रही। बांदा कृषि विश्वविद्यालय के पर्यावरण विभाग का कहना है कि एक्यूआई की स्थिति खतरनाक तो नहीं रही। लेकिन अच्छी भी नहीं रही।
दीपावली के बाद एक्यूआई 285 तक पहुंच गया था। हवाओं में कार्बन मोनो आक्साइड और नाइट्रेट ऑक्साइड की मात्रा बढ़ने लगी थी। एक्यूआई और अधिक बढ़ता तो हवा जहरीली हो जाती है। सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन की समस्या बढ़ जाती है।
बांदा कृषि विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक दिनेश शाहा का कहना है कि एक्यूआई बढ़ने से फसलों को कोई खास नुकसान नहीं है। बारिश होने से खरीफ की फसल को नुकसान हो सकता है। रबी की फसल की बोआई कुछ दिन के लिए पिछड़ सकती। कुछ स्थानों पर खरीफ की फसल खड़ी है। बारिश से नुकसान हो सकता है। असींचित क्षेत्र में रबी की बुआई चल रही है। बारिश से बुआई कुछ दिन के लिए रुक जाएगी।