बांदा। कायाकल्प योजना से परिषदीय स्कूलों की दशा सुधारने की योजना में शासन ने कुछ बदलाव किया है। अब ग्राम पंचायतें वित्त आयोग और मनरेगा के बजट से पहले गांव में शौचालय और पंचायत भवनों का निर्माण कराएंगी। इसके बाद बजट बचने पर स्कूलों में कायाकल्प के कार्य कराए जाएंगे। शासन के इस आदेश से चित्रकूटधाम मंडल के पंचायत उप निदेशक ने मंडल के सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को अवगत कराया है।
पिछले वर्ष फरवरी में कायाकल्प योजना लागू की गई थी। इसके अंतर्गत परिषदीय विद्यालयों में 14वें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग व ग्राम निधि आदि मदों से परिषदीय स्कूलों के तमाम कार्य कराए जाने थे। अब शासन ने इसमें बदलाव किया है। पहली जुलाई को पंचायती राज विभाग के निदेशक किंजल सिंह ने सभी जिला पंचायत राज अधिकारियों को जारी आदेश में कहा है कि वित्त आयोग व मनरेगा से पहले ग्राम पंचायत भवन व सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जाए। इसके बाद बजट बचने पर आपरेशन कायाकल्प से विद्यालयों में कार्य कराए जाएं।
निदेशक ने ग्राम पंचायत व ग्राम सचिवालय तथा डॉ.आंबेडकर व अन्य सामुदायिक जर्जर भवनों की सूची दो दिन के अंदर मांगी है।