बांदा। डेंगू और वायरल बुखार का प्रकोप जारी है। गुुरुवार को डेंगू से पीड़ित छह और मरीज मिले। दो की पैथालॉजी जांच में पुष्टि की गई। जबकि चार को डेंगू वार्ड में भर्ती कराया गया है। उधर, वायरल फीवर के मरीजों की ट्रामा सेंटर से लेकर ओपीडी में लाइन लग रही है। जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में 21 डेंगू सैंपल लिए गए जबकि 279 मरीजों की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा शहर के विभिन्न मोहल्लों में जाकर जांच की गई।
जिला अस्पताल की पैथालॉजी में गुरुवार को जांच कराने पहुंची शहर के शंकर नगर निवासी नीतू (19), बंगाली पुरा निवासी मंजू (35) को जांच में डेंगू की पुष्टि की गई है। इसी क्रम में जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में पदमाकर चौराहा निवासी शिवम (24), डीएम कालोनी निवासी लवकुश (18), पिपरी गांव निवासी शैलेष (25) व छावनी रोड जहाज बिल्डिंग निवासी विक्रम सिंह (24) को डेंगू के चलते भर्ती कराया गया है।
उधर, जिला अस्पताल की पैथोलॉजी में 279 मरीजों की जांच की गई। ओपीडी में भी वायरल फीवर के मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। फिजिशियन डॉ. ह्दयेश पटेल, डॉ. एसडी त्रिपाठी और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरके गुप्ता की ओपीडी में बच्चों और महिलाओं, पुरुषों की लाइन लगी रही। इनकी ओपीडी में 400 मरीजों ने दिखाया।
जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार के निर्देश पर गुरुवार को गूलर नाका, बसंत नगर, पीली कोठी, महिला थाना, मर्दन नाका पूर्वी, क्योटरा पूर्वी, छोटी बाजार में निरोधात्मक कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य टीम ने 610 घरों का निरीक्षण किया। निरीक्षण किए गए घरों में 3267 पात्रों को देखा गया जिसमें एडीज मच्छर लार्वा धनात्मक मिले। मच्छर जनित स्थिति पैदा करने पर दो घरों को नोटिस दिया गया। जल भराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया गया। टीम द्वारा जनसमुदाय को डेंगू, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, नियंत्रण एवं बचाव के बारे में पंफलेट वितरण कर जानकारी दी गई।
जिले में फैले वायरल बुखार की चपेट में आने से राजकीय दृष्टिबाधित बालक इंटर आवासीय कॉलेज के छात्र भी नहीं बच सके। छात्रावास अधीक्षक के साथ यहां के अध्ययनरत 13 बच्चों ने जिला अस्पताल में जांच कराकर दवा ली। बुखार से ग्रसित बच्चों में संजय पाल, मिथलेश कुमार, पुष्पेंद्र कुमार, मनोज कुमार सिंह, सुरेंद्र पाल समेत 13 छात्र शामिल रहे। यह सभी कक्षा दो से कक्षा 12 तक के छात्र हैं।