बांदा। डेंगू बुखार को लेकर स्वास्थ्य महकमा अलर्ट मोड पर है। डेंगू के केस मिलने पर छह मोहल्लाें को हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है। इन मोहल्लों में जल भराव की वजह से डेंगू लार्वा पनप रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आकड़ों में जनवरी से अब तक 18 डेंगू के मरीज मिल चुके हैं। जिला अस्पताल व रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में डेंगू के लिए अलग वार्ड तो सृजित किए गए हैं, लेकिन एक भी मरीज के भर्ती न होने से इन वार्डों में ताला लगा हुआ है।
डेंगू को लेकर खुटला, गायत्रीनगर, बिजली खेड़ा, कटरा, कर्बला, और कालूकुआं मोहल्ले में पार्क वाला इलाका डेंगू लार्वा के मिलने पर हाईरिस्क श्रेणी में रखा गया है। इन मोहल्लों में अब तक सात केस डेंगू के मिल चुके हैं। इन मोहल्लों में प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमें (प्रत्येक में चार सदस्य) इन मोहल्लों में भ्रमण कर एंटी लार्वा डेंगू का छिड़काव कर रही हैं। डेंगू मरीजों के घरों में जलभराव की स्थिति की जांच की जा रही है।
लोगों को पंफलेट और पोस्टर भी वितरित किए जा रहे हैं। उधर, जिला अस्पताल और रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में अलग से डेंगू वार्ड सृजित किए गए हैं, लेकिन इन वार्डों में एक भी डेंगू के मरीज भर्ती न होने पर उनमें वर्तमान में ताला लगा हुआ है। शनिवार को पैथोलॉजी जांच में गिरवां गांव निवासी अहसान (22) को डेंगू की पुष्टि की गई है। हालांकि यह मरीज जिला अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ है। ओपीडी में दिखाने पर जांच पर मरीज को डेंगू की पुष्टि हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जनवरी से अब तक कुल 18 मरीज डेंगू के मिले हैं।
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छह मोहल्लों को डेंगू लार्वा मिलने से हाई रिस्क श्रेणी में रखा गया है। यहां प्रतिदिन स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंचकर एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कर रही है। जिला अस्पताल व रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में वार्ड सृजित किए गए हैं, हालांकि इस वर्ष पिछले साल की तुलना में डेंगू मरीजों का आंकड़ा काफी कम है। पिछले वर्ष सितंबर माह में 40 मरीजों का आंकड़ा था। इस वर्ष सितंबर माह में अब तक 18 मरीज ही मिले हैं। टीमें सक्रिय हैं।
पूजा अहिरवार
जिला मलेरिया अधिकारी, बांदा
फोटो- 11 शहर के शांतिनगर मोहल्ले में नाली में छिड़काव करते स्वास्थ्य कार्यकर्ता। संवाद
फोटो- 11 शहर के शांतिनगर मोहल्ले में नाली में छिड़काव करते स्वास्थ्य कार्यकर्ता। संवाद