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Banda News: एसआईटी जांच...छह बार खंगाला घटनास्थल, 50 से अधिक ग्रामीणों के लिए बयान

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-सीन रिक्रिएशन के लिए झांसी से आ सकती है एक्सपर्ट टीम
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- दो मासूम भाइयों की हत्या में पूर्व मंत्री के बेटे समेत नौ नामजद, पांच गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
बांदा। नरैनी कोतवाली क्षेत्र के नंदवारा गांव में दो मासूम सगे भाइयों की हत्या की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने गांव में डेरा डाल दिया है। टीम घटनास्थल से लेकर गांव की गलियों तक सुराग तलाश रही है। अब तक करीब 50 ग्रामीणों से अलग-अलग पूछताछ की जा चुकी है। घटनास्थल की छह बार जांच की गई है। हत्या की पूरी घटना को समझने के लिए सीन रिक्रिएशन के लिए झांसी से विशेषज्ञ टीम भी आ सकती है।
हत्याकांड के राजनीतिक तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। प्रथम दृष्टया लापरवाही मिलने पर बीट दरोगा राजेश कुमार और बीट सिपाही अनुज कुमार को निलंबित किया गया था। इसके बाद हत्याकांड के खुलासे के लिए एसआईटी गठित की गई। एसआईटी में सीओ सिटी सौरभ सिंह, सीओ नरैनी प्रवीण यादव, इंस्पेक्टर गिरवां सुरेश सैनी, इंस्पेक्टर क्राइम नरैनी अर्जुन सिंह, थानाध्यक्ष तिंदवारी संदीप सिंह, थानाध्यक्ष बदौसा राधाकृष्ण तिवारी, एसओजी प्रभारी आनंद कुमार और सर्विलांस प्रभारी राजेश मौर्य शामिल हैं। बृहस्पतिवार को भी गिरवां इंस्पेक्टर समेत टीम के सदस्य नंदवारा में मौजूद रहे।
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नंदवारा निवासी भइयाराम राजपूत ने एक अक्तूबर को नरैनी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके छह वर्षीय बेटे मनोज और चार वर्षीय युवराज 30 सितंबर की दोपहर घर के बाहर खेलते समय लापता हो गए थे। रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों के शव घर से कुछ दूरी पर दुकान के पीछे पानी से भरे गड्ढे से मिले थे। पोस्टमार्टम में सिर में चोट लगने से मौत की पुष्टि हुई थी। भइयाराम की तहरीर पर पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा के पुत्र एवं पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा, शेरा उर्फ ओमकार, भवानीदीन, अखिलेश, सुनीता, अर्चना, रामलली, लंबरी और सुरेंद्र नेता के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इनमें भवानीदीन, अखिलेश, रामलली, लंबरी और सुरेंद्र नेता को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। सभी को न्यायालय से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया था।
सीओ सिटी एवं एसआईटी प्रमुख सौरभ सिंह ने बताया कि एसआईटी नंदवारा में हत्याकांड की जांच कर रही है। ग्रामीणों से अलग-अलग पूछताछ की गई है और घटनास्थल देखा गया है। सीन रिक्रिएशन के लिए झांसी से विशेषज्ञ टीम आ सकती है। अब तक गिरफ्तार पांच आरोपियों में पिता-पुत्र की भूमिका संदिग्ध मिल रही है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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अधिकारी ले रहे पल-पल का अपडेट
पूरे प्रकरण बेहद संवेदनशील है। ऐसे में पुलिस अधिकारी भी पल-पल की अपडेट ले रहे हैं। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती यही तलाश करना है कि आखिर दोनों भाइयों की हत्या किसने, कैसे और क्यों की। गिरफ्तार पांचों आरोपियों ने अपना जुर्म इकबाल नहीं किया है, यही कारण है कि पुलिस की मुश्किलें बढ़ गईं हैं। कोर्ट में भी पुलिस को पूरी कहानी रखनी होगी और उसके समर्थन में साक्ष्य भी पेश करने होंगे।
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महेंद्र पाल वर्मा का नहीं चला पता
प्रकरण में नामजद पूर्व मंत्री सुरेंद्र पाल वर्मा का पुत्र और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेंद्र पाल वर्मा 30 सितंबर से ही गायब है। पुलिस को उसकी तलाश है। वह लगातार वीडियो जारी कर पूरी जांच पर सवाल खड़े कर रहा है। पहले स्थानीय पुलिस पर आरोप लगाए फिर एसआईटी जांच पर भरोसा न होने का वीडियो जारी किया। वह लगातार पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है।
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