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भाई-बहनों की आंखों से आंसू बन छलका प्रेम

Sat, 29 Aug 2015 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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भइया मेरे राखी के बंधन को निभाना। भाई-बहन के बीच प्यार पनपाने वाले ऐसे तमाम गीतों की गूंज के बीच शनिवार को रक्षाबंधन पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। राखी बांधने के दौरान तमाम भाई-बहनों की आंखों में खुशियों और भावनाओं के आंसू छलक आए।
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बड़ी संख्या में बहनें ससुराल से लंबा सफर तय कर भाइयों को राखी बांधने मायके आईं। उधर, जेल में भी रक्षाबंधन की धूम रही। कुछ संगठनों ने पौधों को राखी बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लिया।

इस बार रक्षाबंधन का मुहूर्त दोपहर बाद था। सुबह से ही घरों में रक्षाबंधन की खास तैयारियां शुरू हो गईं। विशेष रूप से सजाए गए थालों मेें राखी रखी गई।
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मुहूर्त आते ही बहनों ने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और कलाई में राखी बांधी। दोनों ने एक-दूसरे को मिठाई भी खिलाई। उधर, शहर और कस्बों में मिठाई का कारोबार भी खूब परवान चढ़ा। हर मिठाई की दुकान विशेष रूप से सजाई गई थी।

बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक कजलिया विसर्जन के बाद मां मढ़ीदाई मंदिर समेत देवालयों में अर्पित की गई। मेला सा नजारा रहा। बहनों ने राखी बांधकर भाइयों की लंबी उम्र की कामना की। नरैनी, अतर्रा, बदौसा, तिंदवारी, मटौंध, पैलानी, जसपुरा, करतल, कालिंजर, गिरवां, खप्टिहाकलां, बेंदाघाट, पिपरहरी, कमासिन, मरका, चिल्ला, जखौरा आदि प्रतिनिधियों के मुताबिक पूरे क्षेत्र में खुशियों भरे माहौल में रक्षाबंधन और कजली विसर्जन मनाया गया। 
भाई-बहन के प्यार के बीच जेल की दीवार आड़े नहीं आई। शनिवार को मुलाकात में प्रतिबंध के बावजूद जेल प्रशासन ने महिलाओं को जेल में आकर भाइयों को राखी बांधने की इजाजत दी।

जेलर सतीश चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि जेल में 1291 बंदी हैं। इनमें 53 महिलाएं हैं। रक्षाबंधन पर लगभग 673 महिलाओं ने जेल मेें बंद भाइयों को राखी बांधी, जबकि जेल में बंद 47 महिलाओं ने जेल आए भाइयों को राखी बांधी। जांच-पड़ताल के बाद इनको मिठाई इत्यादि लाने की छूट दी गई।

कई महिला-पुरुष बंदियों की आंखों में आंसू आ गए। उधर, ददुआ गिरोह के नायब कमांडर रहे पूर्व दस्यु सरगना राधे पटेल को उसकी छोटी बहन सोनम उर्फ संगीता ने राखी बांधी।

 वृक्ष मित्र संगठन ने पंचानन मंदिर परिसर में पौधों का राखी बांधकर पर्यावरण रक्षा का संकल्प लिया। साथ ही गुड़हल, गुलमोहर और चांदनी इत्यादि फूल वाले पौधे लगाए। संगठन संरक्षक डॉ. मीना कुमार सहित शशि प्रजापति, शबीना बानो, सदरुन निशां इत्यादि शामिल रहे।

उधर, एचएएल इंटर कॉलेज में छात्राओं ने छात्रों को राखी बांधी। प्रधानाचार्य रामस्वरूप साहू ने रक्षाबंधन का महत्व बताया। छात्र-छात्राओं ने स्वनिर्मित रक्षाबंधन के धागों को पिरोकर राखियां बांधी और पुरस्कार जीता। पल्लवी ने प्रथम, प्रियांशु ने द्वितीय व अनामिका चौधरी ने तीसरा स्थान हासिल किया।
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श्याम करन यादव, भारत भूषण, ईश्वरी प्रसाद, विजय बहादुर दीक्षित, ओमप्रकाश साहू, आदि मौजूद रहे। संचालन आरके त्रिपाठी ने किया।
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