ह्यूमन एग्रेरियन सेंटर में शिव योग साधकों द्वारा आयोजित शिविर में उपस्थित किसान।
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बांदा। चैनल पर चलने वाले अवधूत बाबा शिवानंद शुक्रवार को यहां प्रोजेक्टर पर नजर आए। उन्होंने किसानों को शिव योग के माध्यम से पर्यावरण की सुरक्षा के उपाए बताए। इस अवसर पर यह भी बताया गया कि शिव योग प्रक्रिया से की गई खेती में 50 से 70 फीसदी उत्पादन अधिक होता है।
बड़ोखर खुर्द गांव में स्थित ह्यूमन एग्रेरियन सेंटर में शिव योग साधकों ने विशेष शिविर आयोजित किया। इसमें तमाम किसान शामिल थे। बुंदेलखंड मेें अधिक वर्षा या बेमौसम वर्षा अथवा सूखा आदि से जूझ रहे किसानों को उत्पादन बढ़ाने और खाने की गुणवत्ता बरकरार रखने के तरीके बताए। शिव योग साधक द्रोणा सिंह ने अवधूत बाबा शिवानंद के अनुभव बताए।
उन्होंने शिव योग हीलिंग के बारे में बताया कि धरती, बीज, फसल, बागवानी और पशुधन पर इसका क्या असर पड़ता है। जीएम बीज के नुकसान और देशी बीज के फायदे, रासायनिक खादों और कीट नाशकों के नुकसान बताए। मिट्टी की गुणवत्ता बरकरार रखने और पोषित भोजन सेे कुपोषण से बचने की सलाह। दैवी आपदा से निपटने आदि के गुर बताए।
शिविर लगभग पांच घंटे चला। मंत्रोच्चारण के बीच प्रसाद और शिव योग के बीज का वितरण हुआ। द्रोणा सिंह के साथ अनु सिंह, कुमारी मधुलिका सिंह आदि ने भी किसानों को संबोधित करते हुए अपने अनुभव बताए। मेजबान किसान प्रेम सिंह समेत लगभग 60 किसान और एग्रीकल्चर यूनीवर्सिटी के छात्र शामिल रहे।