बांदा। करीब दो वर्षों से जिला महिला चिकित्सालय में बंद पड़े प्रसव आपरेशन की सुविधा शुक्रवार को पुन: बहाल हो गई। पहले ही दिन डाक्टरों की टीम ने आपरेशन से नवजात की जान बचा ली। इसे देखने जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह भी पहुंचे।
जिला महिला चिकित्सालय में आपरेशन के जरिए प्रसव की सुविधा लगभग दो वर्षों से बंद थी। डीएम आनंद कुमार सिंह और अपर निदेशक डा. आरबी गौतम ने इसे शुरू करने के निर्देश दिए थे। शुक्रवार को नरैनी क्षेत्र के गोरेमऊ गांव की प्रसूता प्रतीक्षा त्रिपाठी प्रसव के लिए यहां भर्ती हुई। इसके पूर्व भी उसका प्रसव आपरेशन से हुआ था। सर्जन डा. सुनील बंसल, सहायक सर्जन डा. चारू गौतम और निश्चेतक डा. सेवालाल ने जांच में पाया कि गर्भ में बच्चे की धड़कन कमजोर होती जा रही है। नाल बच्चे की गर्दन में चारों तरफ लिपट गई थी। ऐसे में बच्चे की जान बचाने का मात्र आपरेशन ही उपाय था। सीएमओ डा. एनडी शर्मा भी मौके पर पहुंचे।
उन्होंने तत्काल सर्जन और कई डाक्टरों की टीम बुलाकर जरूरी उपकरण और दवाओं की व्यवस्था कराई। समय गंवाए बिना डाक्टरों ने आपरेशन करके प्रसव कराया। शिशु का वजन लगभग तीन किलो है। अब वह स्वस्थ बताया गया है। सीएमएस डा. यूबी सिंह भी उपस्थित रहे। डीएम आनंद कुमार सिंह ने आपरेशन के बाद प्रसूता और उसके बच्चे के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। सफल आपरेशन पर प्रसन्नता जताई। साथ ही महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। डीएम ने निर्देश दिया कि जरूरतमंदों को आपरेशन से प्रसव सुविधा लगातार उपलब्ध कराई जाए। सीएमओ ने भरोसा दिलाया कि अब यह सुविधा महिला अस्पताल में बहाल रहेगी।
जिलाधिकारी ने ली दूसरी डोज
बांदा। डीएम आनंद कुमार सिंह ने शुक्रवार को कोविड वैक्सीन की दूसरी डोज ली। उन्हें जिला अस्पताल की नई बिल्डिंग में कोरोना का दूसरा टीका लगाया गया। डीएम ने कहा कि उन्हें कोई पीड़ा या परेशानी नहीं हुई। टीकाकरण पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने जनपदवासियों से कहा कि भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किया गया टीका कोविड के खिलाफ हथियार है। इसे सभी अपनाएं। इस मौके पर सीएमओ डा. एनडी शर्मा भी मौजूद थे। (ब्यूरो)