विधवा के साथ पुनर्विवाह को सरकार भले ही बढ़ावा दे, परंतु समाज अभी भी इसको मान्यता देने के लिए तैयार नहीं है। ऐसे ही एक मामले में विधवा भाभी से शादी का विरोध कर रही मां ने फांसी लगाकर जान गवां दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम कराया।
जसपुरा थाना क्षेत्र के रैपुरा गांव निवासी बंदो (50) पत्नी रतीपाल उर्फ जयराम ने सोमवार रात कमरे में अंदर से कुंडी बंद कर रस्सी से फंदा लगाकर जान गवां दी। मंगलवार सुबह दरवाजा न खुलने पर परिजनों ने खिड़की से झांका तो बंदो का शव फांसी पर लटका देखा।
परिजनों ने बताया कि जयराम के बड़े पुत्र संजय ने छह माह पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उसका विवाह देवगांव (हमीरपुर) निवासी पूनम से हुआ था। पिता जयराम पुत्रवधू पूनम का पुनर्विवाह अपने छोटे पुत्र संतोष से करना चाहता था। संतोष भी विवाह को तैयार था। तीन दिन पहले पूनम देवगांव से रैपुरा आ गई।
उधर, संतोष की मां बंदो और मामा पाल बाबू (अतरइयां) इस शादी के खिलाफ थे। वह संतोष की शादी दूसरी जगह करना चाहते थे। संतोष व पूनम का पुनर्विवाह एक हफ्ते बाद होना था। उधर, थानाध्यक्ष महेश सिंह ने बताया कि मामला आत्महत्या का है। सूचना पर पोस्टमार्टम कराया गया है।