बांदा। शजर पत्थर को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक जनपद, एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल किए जाने के बाद नई पहचान मिली है। इस वर्ष 250 नए शिल्पकार इस व्यवसाय से जुड़ने जा रहे हैं, जिन्हें जिला उद्योग विभाग द्वारा प्रशिक्षित किया गया है।
जिला उद्योग विभाग द्वारा आदर्श बजरंग इंटर कॉलेज में 10 दिनों का विशेष प्रशिक्षण संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण के माध्यम से शिल्पकारों को शजर पत्थर के व्यवसाय में उपयोगी उपकरण (टूल्स) उपलब्ध कराए जाएंगे। विभाग विभिन्न योजनाओं के तहत 5 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक का ऋण भी उपलब्ध करा रहा है।
सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के ऋण पर 10 फीसदी सब्सिडी दी जाती है, जबकि एमवाईएसवाई के माध्यम से 10 लाख से 25 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त किया जा सकता है। यह वित्तीय सहायता शिल्पकारों को अपने व्यवसाय को शुरू करने और उसे विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।