बांदा। बुंदेलखंड में बिजली संकट से बखूबी वाकिफ होने के बाद भी प्रदेश
सरकार इसके स्थायी निराकरण के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रही। इसकी बानगी
चित्रकूटधाम मंडल के लिए बनाया जा रहा इकलौता 400 केवीए का सब स्टेशन है।
बसपा
सरकार में बनना शुरू हुआ यह सब स्टेशन सात साल बाद भी अधूरा है। करोड़ों
रुपये की मशीनें धूल खा रही हैं। ठेका लेने वाली कंपनी ने महंगाई बताकर हाथ
खड़े कर दिए।
चित्रकूट धाम मंडल के बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर और
महोबा जिलों मेें बिजली की दशा सुधारने के लिए वर्ष 2008 में बांदा शहर से
पांच किमी दूर बांदा-महोबा नेशनल हाइवे किनारे खैरांडा रेलवे क्रासिंग के
पास 400 केवीए क्षमता का सब स्टेशन बनना शुरू हुआ था।
इसका ठेका
गुड़गांव की क्राप्टन ग्रीव्स लिमिटेड को मिला है। लागत 400 करोड़ रुपये
लगभग है। वर्ष 2008 में टेंडर आदि होने के बाद कंपनी ने वर्ष 2012 में काम
शुरू किया।
सब स्टेशन का निर्माण वर्ष 2014 में पूरा होने का समय निर्धारित था। तमाम भारी भरकम उपकरण और ट्रांसफार्मर आ गए।
इलाहाबाद
और उरई से आपूर्ति लेने के लिए टावर लगाकर लाइनें भी डाल दी गईं, लेकिन
कंपनी ने अक्तूबर 2014 में काम ठप कर दिया। तब से सब स्टेशन का काम रुका
हुआ है।
अभी न तो बिल्डिंग का निर्माण हुआ और न ही मशीनें लगी हैं।
सब स्टेशन लगभग 100 एकड़ में बन रहा है। 400 केवीए का सब स्टेशन
चित्रकूटधाम मंडल में कहीं नहीं है।
इसके बनकर चालू हो जाने से मंडल के चारों जिलों में बिजली आपूर्ति में काफी सुधार आएगा। लो-वोल्टेज समस्या से भी निजात मिलेगी।
400 केवीए सब स्टेशन का काम नए वर्ष 2016 में शुरू हो जाएगा। कोई रोड़ा न अटका तो वर्ष के अंत तक इसके चालू होने के भी आसार हैं।
मंडल
को बिजली आपूर्ति कर रहे 220 केवी सब स्टेशन के अधिशासी अभियंता
(ट्रांसमिशन) उमेश वर्मा ने बताया कि अब सब स्टेशन के भवनों का निर्माण
(सिविल वर्क) पावर कारपोरेशन द्वारा कराया जाएगा।
यह काम अगले माह
शुरू होने की संभावना है। नए वर्ष में निर्माण पूरा हो जाएगा। उन्होंने
बताया कि मशीनें स्थापित करने का काम क्राप्टन ग्रीव्स कंपनी ही करेगी।