बांदा। पूर्णमासी से 16 दिनों तक चलने वाला पितृ पक्ष में बुधवार को नदी-तालाबों में श्रद्धालुओं ने जल और तिल से पूर्वजों को तर्पण दिया। यह सिलसिला अमावस्या तक चलेगा। दिवंगत पूर्वज की पुण्य तिथि पर श्राद्ध होगा।
ब्राम्हणों को भोजन कराने के साथ गरीबों को दान दिया जाएगा। बामदेव संस्कृत विद्यालय के प्राचार्य अशोक अवस्थी का कहना है कि पितृ पक्ष पूर्वजों के सम्मान का पर्व होता है। पूरे 15 दिन लोग पूर्वजों को भोजन, पानी देते हैं।