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कर्ज में डूबे किसान की सदमे से मौत

Fri, 01 May 2015 11:29 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
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एक और किसान ने फसल बर्बाद होने के  सदमे से जान गंवा दी। हार्टअटैक से उसकी मौत हो गई। उधर बबेरू कोतवाली क्षेत्र में भी युवा किसान ने फांसी लगा कर जान देने की कोशिश की। उसे जिला अस्पताल मेें भर्ती कराया गया है।
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कस्बा निवासी किसान रामऔतार कुशवाहा (65) बृहस्पतिवार सुबह खलिहान में अपनी 11 बीघा जमीन में बोए गेहूं की मड़ाई करा रहा था। सिर्फ डेढ़ कुंतल गेहूं निकलने पर उसे गहरा सदमा लगा। दिल का दौर पड़ने से तबियत बिगड़ने पर परिजन उसे घर ले गए लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई।

मृतक के पुत्र सत्यनारायण कुशवाहा ने बताया पिता ने इलाहाबाद क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक की बड़ोखर खुर्द शाखा से 1.50 लाख का क्रेडिट कार्ड बनवाया था। तीन दिन पहले बैंक पासबुक लेकर वह शाखा में गया तो बैंक मैनेजर ने बताया उस पर कर्ज बढ़कर 2.60 लाख रुपये हो गया है।
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तब से पिता तनाव में थे। उन्होने इसके अलावा एक लाख रुपये का कर्ज स्टेट बैंक से भी केसीसी पर ले रखा था। रामऔतार ने एक माह पहले अपनी नातिन की शादी की थी। इससे कर्ज और बढ़ गया था।बबेरू प्रतिनिधि के मुताबिक बबेरू कोतवाली क्षेत्र के साथी गांव में रमाकांत (21) पुत्र रामपाल ने गुरुवार रात घर के कमरे में फांसी लगा ली।

मां सुलोचन ने उसे फांसी के फंदे से लटका देख पड़ोसियों की मदद से फंदा काटकर नीचे उतारा। सुलोचन ने बताया उसके पति की छह साल पहले मौत हो गई थी।

पुत्र रमाकांत के पास 10 बीघा जमीन है। इसी से वह परिवार पालता है। बड़ा भाई रामबाबू परदेश में काम करता है। फसल खराब होने से रमाकांत कई दिन से तनाव में था। इसी कारण उसने फांसी लगा कर जान देने की कोशिश की।
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