रायफल क्लब ग्राउंड में आयोजित किसान-मजदूर पंचायत में किसानों ने केंद्रीय गृहमंत्री के सामने खूब गिले-शिकवे बयां किए। किसानों ने कहा कि राहत के नाम पर 700 रुपये मिले हैं। लेखपाल सर्वे में और चेक देनेे में वसूली कर रहे हैं। केेंद्रीय गृहमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वह इस बारे में प्रदेश सरकार से बात करेंगे। सरकार का खजाना कुबेर के खजाने जैसे होता है, यह कभी खाली नहीं होता।
प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह (बड़ोखर खुर्द) ने बेबाकी से कहा कि 80 फीसदी स्वावलंबी किसानों वाले इस देश में अब किसान मजदूर हो गए हैं। शायद इसीलिए आज मजदूर दिवस पर किसानों का यह आयोजन हो रहा है। हर क्षेत्र में बेहतर काम करने वालों को पदमभूषण मिलता है, लेकिन आज तक किसी किसान को यह सम्मान नहीं मिला।
प्रेम सिंह सहित कई किसानों ने बीमा नियम सरल करने, बैंकों का कर्ज पूरी तरह माफ करने, सब्सिडी का खेल बंद करने, किसान के बच्चों को मुफ्त शिक्षा और खनन पर रोक लगाने के सुझाव दिए। केंद्रीय गृहमंत्री ने इस पर रजामंदी जताई। उन्होंने किसान प्रेम सिंह की सराहना भी की। उधर, सभा स्थल पर मुख्य मंच के अलावा एक और मंच बनाया गया था।
इसमें नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन, गीता सागर, शीला सिंह, संतोष गुप्ता, स्वयंवर सिंह, पुरुषोत्तम पांडेय, राजेश द्विवेदी, जगराम सिंह, गंगाचरण राजपूत, जय विजय सिंह, पंकज अग्रवाल, विजय सिंह, चौहान, अशोक त्रिपाठी जीतू, केके भारती, प्रभाकर अवस्थी, पुष्कर द्विवेदी, अखिलेश श्रीवास्तव, राजकुमार शिवहरे, विपुल प्रताप सिंह (चित्रकूट), अखिल राजपूत (महोबा) आदि मौजूद रहे।
18,000 राहत में 13,500 रुपये केंद्र के
बांदा। केंद्रीय गृहमंत्री के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेई भी आए। उन्होंने किसान महापंचायत में कहा कि किसानों को दी जा रही 18,000 रुपये राहत में 13,500 रुपये केंद्र सरकार के हैं। राज्य सरकार के सिर्फ 4500 रुपये हैं। भाजपा अध्यक्ष ने किसानों को सलाह दी कि गन्ना बिना दबे रस नहीं देता, इसलिए राज्य सरकार को भी दबाइए।
केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण राज्यमंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी इस अवसर पर उपस्थित थीं। उन्होंने अपने भाषण में मुआवजा राशि किसानों के खाते में सीधे भेजे जाने की वकालत की। मजदूर किसान पंचायत को सांसद भैरों प्रसाद मिश्र (बांदा-चित्रकूट), सांसद पुष्पेंद्र सिंह चंदेल (हमीरपुर-महोबा) ने भी संबोधित किया।
पंचायत सभा का संचालन भाजपा जिलाध्यक्ष बालमुकुंद शुक्ल ने किया। मंच पर पूर्व सांसद रामरतन शर्मा, किसान मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विजय सिंह तोमर, अशोक पटेरिया, अयोध्या प्रसाद सिंह आदि उपस्थित रहे।
गांव जाकर देखे बर्बाद हो गए खेत
बांदा। केंद्रीय गृहमंत्री बीएसएफ के हेलीकाप्टर से निर्धारित समय से तकरीबन आधा घंटा लेट 12:30 पर पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरे। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी, डीएम सुरेश कुमार, एडीएम डीएस पांडेय, एएसपी आशुतोष शुक्ल आदि ने उनकी अगवानी की।
यहां बड़ी संख्या में भाजपा नेता मौजूद रहे। नेताओं ने फूलों के गुलदस्ते देकर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह का स्वागत किया। हेलीपैड से गृहमंत्री सीधे शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर महोखर गांव पहुंचे। वहां पहले से ही किसान उनके इंतजार में थे।
राजनाथ ने खेतों में चने आदि की फसल देखी। किसानों से उनकी फरियादें सुनीं। कई किसान तो रो पड़े। गृहमंत्री ने उनके सिर पर हाथ फेरा या कांधे पर हाथ रखकर हौसला बढ़ाया। किसान छेदी सिंह, सुरेंद्र तिवारी, मुकेश, कुलदीप सिंह, भरत शरण तिवारी, अनिल साहू आदि शामिल रहे।
...जब एक किसान ने उठाई चप्पल
गृहमंत्री राजनाथ सिंह महोखर गांव में जब खेत का निरीक्षण कर रहे थे उसी दौरान एक किसान ने चप्पल हाथ में उठा ली। यह देख गृहमंत्री के साथ मौजूद भाजपा नेता और उनकी सुरक्षा मेें लगे कमांडो दंग रह गए। उनकी सवाल भरी निगाहें देख किसान बोला- साहेब, हमार ई हाल हुई गा हवै कि आपन लाने चप्पल तक नहीं लै सकत हैं। टूटी चप्पल पहने हौं, पेट चलाव बहुत मुश्किल हुईगा है। किसान की बात और नीयत समझते ही सुरक्षाकर्मी सामान्य हो गए।