बच्चों के बयान दर्ज कराने कोर्ट आए सीबीआई के सीओ अमित कुमार और अन्य।
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बांदा। बच्चों के यौन उत्पीड़न मामले में सीबीआई ने 10 और नाबालिग बच्चों को अदालत में पेश कर उनके बयान दर्ज कराए हैं। उधर, इस चर्चित कांड के आरोपी निलंबित जेई रामभवन की पत्नी और इस केस की सह अभियुक्त दुर्गावती की जमानत अर्जी पर एक बार फिर सुनवाई टल गई। अब 29 जनवरी को अदालत सुनवाई करेगी।
सोमवार को सीबीआई के उपाधीक्षक और इस घटना के विवेचक अमित कुमार के नेतृत्व में आई सीबीआई टीम चित्रकूट से 10 बालकों को तीन वाहनों में दोपहर बाद लेकर अदालत आई। यहां सिविल जज (जूनियर डिवीजन) अनुजा सिंह की अदालत में एक-एक करके पेश किया।
जज के समक्ष बच्चों ने धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान दर्ज कराए। इन्हें मिलाकर अब तक करीब 17 बच्चों को सीबीआई यहां अदालत में पेश कर उनके बयान दर्ज करा चुकी है। इस बीच बच्चों को सीबीआई ने मीडिया या अन्य लोगों के सामने नहीं आने दिया गया। उन्हें बंद गाड़ी में ही वापस ले जाया गया।
उधर, मुख्य आरोपी रामभवन की पत्नी सह आरोपी दुर्गावती की जमानत अर्जी पर सोमवार को भी सुनवाई/बहस नहीं हो पाई। पाक्सो एक्ट न्यायाधीश/पंचम एडीजे मोहम्मद रिजवान अहमद ने इसके लिए 29 जनवरी निर्धारित की है।
दुर्गावती के अधिवक्ता भूरा प्रसाद निषाद ने अदालत में दी अर्जी में कहा कि अतिरिक्त शपथपत्र के लिए मोहलत दी जाए। उन्होंने कहा कि अब तक जितने बच्चों के अदालत में बयान हो चुके हैं उनका भी वह अवलोकन करने के लिए अदालत से अनुमति लेंगे। केस डायरी में उसे दर्ज कराएंगे। न्यायाधीश ने उनकी इस अर्जी पर 29 जनवरी तारीख निर्धारित कर दी।