मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के दिन मरीजों का इलाज नहीं हुआ। मुख्यमंत्री के आगमन की तैयारियां और सुरक्षा मरीज और डॉक्टरों के बीच आड़े आ गई। हालांकि दो दिन पूर्व से शुरू हुई ओपीडी में मंगलवार को 79 और बुधवार को 143 मरीजों का पंजीकरण हुआ था और डॉक्टरों ने इनका चेकअप किया था।
बृहस्पतिवार को सुबह से ही ओपीडी को मुख्यमंत्री के लिए सजाने संवारने के लिए तैयारियां शुरू हो गईं। गेट पर फीता बांध दिया गया। डॉक्टर मरीज देखने के बजाए तैयारियों में जुटे रहे। मरीज अजय द्विवेदी (तिंदवारा) को बुखार था। उसने बताया कि मेडिकल कॉलेज गेट पर ही सुरक्षा कर्मियों ने उसे यह कहकर वापस लौटा दिया कि आज इलाज नहीं होगा।
जिला अस्पताल जाकर दिखाओ। उधर, मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.आरपी सिंह का कहना है कि उद्घाटन के दिन 257 मरीजों का पंजीकरण किया गया है। उधर, नगर पालिका अध्यक्ष विनोद जैन को ओपीडी में मुख्यमंत्री के पास जाने की इजाजत नहीं दी गई। सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें रोक दिया। बाद में अध्यक्ष ने ओपीडी से बाहर निकलते समय सीएम को गुलदस्ता सौंपा।
बुंदेलखंड को विशेष आर्थिक जोन के लिए ज्ञापन
बांदा। जिला
कोआपरेटिव बैंक अध्यक्ष गौरव यादव ने मुख्यमंत्री को मंच पर पत्र सौंपते
हुए बुंदेलखंड क्षेत्र को विशेष आर्थिक जोन (एसईजेड) घोषित किए जाने का
अनुरोध किया।
कहा कि यहां किसान बदहाल, युवा बेरोजगार है। आत्महत्याएं
लगातार बढ़ रही हैं। बुंदेलखंड को विशेष आर्थिक जोन घोषित करने से युवाओं
को रोजगार के तमाम अवसर मयस्सर होंगे।