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मंडल की 280 ग्राम पंचायतों के सचिव नहीं दे रहे अभिलेख

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बांदा। गांवों में चल रहे विकास कार्य पूरे न होने के कारण ग्राम पंचायत सचिवों के तबादले पर प्रदेश सरकार ने रोक लगा रखी है। इसके बाद भी स्थानीय स्तर से चित्रकूटधाम मंडल में 280 ग्राम पंचायत सचिवों के तबादले कर दिए गए। तबादले के सचिवों ने विकास योजनाओं के अभिलेख नए सचिवों को नहीं सौंपे। इससे विकास कार्य ठप पड़ गए हैं और ग्राम पंचायतों में अफरा-तफरी जैसी स्थिति। अधूरे कार्यों में घोटाले की भी आशंका जताई जा रही है।
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चित्रकूटधाम मंडल में 1408 ग्राम पंचायतें हैं। शासन ने चालू वित्तीय वर्ष में ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों को समय से पूरा कराने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत सचिवों के तबादलों पर मार्च से रोक लगा दी थी। इसके बाद भी चालू वित्तीय वर्ष में मंडल में 280 ग्राम पंचायतों में सचिवों के स्थानीय स्तर पर तबादले किए गए हैं।
इनमें स्थानांतरित 250 सचिवों ने नए सचिवों को अभिलेख हस्तांतरित नहीं किए हैं। उपनिदेशक (पंचायत) दिनेश सिंह ने शनिवार को मंडल के चारों डीपीआरओ को जारी पत्र में कहा है कि पंचायती राज अधिनियम में दी गई व्यवस्था के अनुसार उनके (उप निदेशक के) संज्ञान में लाए बिना सचिवों का तबादला कर कार्यमुक्त भी कर दिया गया।
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ऐसे में ग्राम पंचायतों में लाखों रुपये के घपले का अंदेशा है। उप निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि अभिलेखों का हस्तांतरण न करने वाले स्थानांतरित सचिवों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। भविष्य में बिना शासनादेश के विरुद्ध सचिव का तबादला न किया जाए।
उपनिदेशक ने जताई नाराजगी
चित्रकूटधाम मंडल के उपनिदेशक (पंचायत) दिनेश सिंह ने सचिवों के तबादले पर आपत्ति और नाराजगी जताते हुए चारों जिलों के जिला पंचायत राज अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अब किसी भी सचिव का तबादला न किया जाए। जो स्थानांतरित सचिव अभिलेख नहीं दे रहे हैं उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाए।
चित्रकूटधाम मंडल में स्थानांतरित किए गए सचिव
जिला ग्राम पंचायत स्थानांतरित
बांदा 470 91
चित्रकूट 335 61
हमीरपुर 330 58
महोबा 273 70
योग 1408 280
ग्राम पंचायतों के आवंटन में भी मनमानी
बांदा। मंडल की 1408 ग्राम पंचायतों में सिर्फ 1001 सचिव कार्यरत हैं। 407 पंचायतें सचिव विहीन हैं। ऐसे में स्थानीय स्तर में जिला पंचायत राज अधिकारियों ने ग्राम पंचायतों का आवंटन मनमानी तरीके से किया है। किसी सचिव को दो से तीन ग्राम पंचायतों का प्रभार तो किसी को एक ही ग्राम पंचायत का दायित्व दिया गया है।
उपनिदेशक (पंचायत) ने मंडल के चारों जिला पंचायत राज अधिकारियों को जारी पत्र में इस पर नाराजगी जताई कि आदेशों के बाद भी ग्राम पंचायत अधिकारियों को बराबर-बराबर ग्राम पंचायतों का आवंटन नहीं किया गया है।
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