प्रदेश सरकार के विशेष सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग) जीएस प्रियदर्शी (आईएएस) ने बुधवार को बड़ोखर बुजुर्ग गांव का निरीक्षण किया। गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में उन्हें अंधेरगर्दी मिली। अभिलेखों में जिस बच्चे को 11 किलो दर्ज किया गया था, वह तौल में 9 किलो का निकला। इस पर सचिव ने आंगनबाड़ी कार्यकत्री को फटकार लगाई।
दरअसल राज्य पोषण के तहत जिले के अफसरों द्वारा गोद लिए गए गांवों का प्रदेश सरकार स्थलीय निरीक्षण करा रही है। शासन से कई अफसर अलग-अलग जिलों में गोद लिए गांवों का मुआयना करने निकले हैं। इसी कड़ी में विशेष सचिव (आईटी एवं इलेक्ट्रानिक्स विभाग) जीएस प्रियदर्शी को बांदा भेजा गया है।
उन्हें यहां की चार ग्राम सभाओं का निरीक्षण करना है। बड़ोखर बुजुर्ग गांव को जिला अस्पताल के डॉ. एमसी पाल ने राज्य पोषण मिशन के तहत गोद लिया है। गांव पहुंचने के बाद सचिव ने प्राथमिक विद्यालय में चौपाल लगाई। एएनएम अलका वर्मा से कुपोषण के बारे में पूछा तो वह कुछ नहीं बता पाई।
सचिव ने उन्हें फटकार लगाई। पीएचसी के डाक्टर से भी सवाल-जवाब किए। कर्मभूमि समाज सेवा संस्थान निदेशक डॉ. चंद्रपाल ने कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय में एक हफ्ते से मिडडे-मील न बनने की शिकायत की। कामता खेंगर, प्यारेलाल वर्मा, नाती राजा ने शिकायत की कि परिषदीय स्कूलों के टीचर सुबह 9 बजे आते हैं और 12 बजे चले जाते हैं, जबकि विद्यालय का समय सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 5 सालों से गांव की नालियां और सड़क साफ नहीं हुई। अलबत्ता सचिव के आने की खबर पाकर कुछ स्थानों पर सफाई की गई है। सचिव ने कहा कि वह अपनी रिपोर्ट शासन को देंगे। निरीक्षण के मौके पर एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह, नरैनी एसडीएम धीरेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी श्रीकृष्ण त्रिपाठी, कार्यक्रम अधिकारी इशरत जहां, थानाध्यक्ष रमेश चौधरी आदि उपस्थित रहे।