बांदा। कोरोना संक्रमण के बढ़ रहे केसों के मद्देेनजर जिला मजिस्ट्रेट आनंद कुमार सिंह ने कोविड-19 प्रोटोकाल के पालन के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 25 प्रमुख बिंदुओं का जिक्र करते हुए डीएम ने आदेश दिए कि जनपद में कोरोना के प्रसार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जारी दिशा-निर्देश एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक प्रभावी रहेंगे।
उन्होंने संवेदनशील व ज्यादा कोरोना केस वाले क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन बनाने के निर्देश दिए। पॉजिटिव केस बढने पर जनपद, क्षेत्र, शहर व वार्ड स्तर पर स्थानीय प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं। शनिवार को जारी डीएम ने अपने पांच पृष्ठीय आदेश में कहा कि कोविड-19 प्रोटोकाल का पालन और टीकाकरण अभियान तेज करने की जरूरत है। आरटीपीसीआर जांच 70 फीसदी से अधिक की जाए। नए संक्रमितों को तुरंत क्वारंटाइन करें और उनके संपर्क में आए लोगों को भी क्वारंटीन कराएं। संक्रमण फैलने से रोकने के लिए कंटेनमेंट जोन प्रभावी उपाय है। कंटेनमेंट जोन में सिर्फ आवश्यक गतिविधियों की ही अनुमति रहेगी। आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति के अलावा आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
कंटेनमेंट मानकों का कड़ाई से पालन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और पालिका अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि स्थिति के आकलन के आधार पर स्थानीय प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं। सर्विलांस टीमों को घर-घर निगरानी के निर्देश दिए हैं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोरोना संक्रमित मरीज के संपर्क में आने वालों की सूची तैयार कर उन्हें 14 दिन के लिए क्वारंटीन किया जाए। साथ ही संक्रमित के संपर्क में आए 80 फीसदी लोगों को 72 घंटे में पता लगाएं। आरटीपीसीआर जांच का दायरा बढ़ाएं। डीएम ने चेतावनी दी कि दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा-51 से 60 व 188 आईपीसी में कार्रवाई की होगी।
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मास्क न लगाने पर लगेगा जुर्माना
डीएम ने मास्क पहनने, हाथों को धुलने और सामाजिक दूरी का सख्ती से पालन के निर्देश दिए हैं। उन्होंने आदेश दिए कि सार्वजनिक व कार्य स्थलों पर मास्क न पहनने वाले व्यक्तियों से जुर्माना वसूल करें और अन्य प्रशासनिक कार्रवाई हो। भीड़भाड़ वाले स्थानों खासकर बाजार, साप्ताहिक बाजार, सार्वजनिक परिवहन आदि में सामाजिक दूरी का पालन भारत सरकार की गाइडलाइन के तहत कराया जाए।