बांदा। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और वहां से चल रही उत्तर-पश्चिम हवाओं ने चित्रकूटधाम मंडल को शीतलहर की चपेट में ला दिया है। पिछले 24 घंटे से पूरे मंडल में जबरदस्त ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त सा हो गया है। न्यूनतम और अधिकतम पारे में 2-2 डिग्री की और गिरावट दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक ठंड का मौजूदा कहर अभी कई दिन रह सकता है।
दिसंबर आधा बीत जाने के बाद भी ठंड पूरे परवान पर नहीं आई थी। मौसम की इस बेरुखी पर लोग चर्चा शुरू कर दिए थे। पिछले हफ्ते दो दिन मंडल के कई स्थानों पर बारिश और ओला के बाद बमुश्किल 24 घंटे के लिए मौसम कुछ ठंडा हुआ था। उसके बाद बारिश में ब्रेक लगा और धूप खिली तो तापमान फिर बढ़ गया। सोमवार को दिनभर बादल छाए रहने के बाद शाम को अचानक मौसम ने करवट ली और पूरा मंडल शीतलहर से कंपकंपा उठा। कोहरा भी शाम से ही शुरू हो गया। 9 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली सर्दीली हवाओं ने शाम से ही सड़कें सूनी कर दीं। लोग घरों में दुबक गए। पूरी रात कड़ाके की ठंड रही। मंगलवार को सुबह धूप निकलने के बाद भी गलन और शीतलहर में कमी नहीं आई। शाम को इसमें और वृद्धि हुई। न्यूनतम तापमान लगभग चारों जिलों में 7 डिग्री और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम में अचानक आए इस बदलाव के बाबत यहां कृषि विश्वविद्यालय में मौसम वैज्ञानिक डा.दिनेश साहा ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फवारी और कई इलाकों में बारिश से यह बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि पहाड़ों से उत्तर-पश्चिम की हवाएं ठंडक लेकर आ रही हैं। यह 4 से 5 किलोमीटर प्रतिघंटा हैं। डा.साहा ने पूर्वानुमान जताया कि अभी कई दिन ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मामूली उतार-चढ़ाव हो सकता है।