बांदा। 9वीं से 12वीं तक के 162 कॉलेज छह माह बाद सोमवार (19 अक्टूबर) से फिर आबाद नजर आएंगे। अलबत्ता इनका नजर कुछ अलग दिखाई पड़ेगा। कक्षाओं में आधे छात्र ही होंगे। वह भी मास्क सहित कोविड-19 की सभी शर्तों के पालन के साथ। शासन द्वारा जारी कड़े दिशा-निर्देशों के बीच कालेज खोले जा रहे हैं। दो पालियों में स्कूल खुलेंगे। पहली पाली में 9 व 10 और दूसरी में 11 व 12 की कक्षाएं चलेंगी। शनिवार को जिला विद्यालय निरीक्षक ने मुख्यालय स्थित कालेजों की तैयारियों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया।
कोरोना संक्रमण फैलने के बाद मार्च के अंतिम सप्ताह में सभी स्कूल-कालेज बंद कर दिए गए थे। दो माह पूर्व सिर्फ अध्यापक और स्टाफ को स्कूल आने की अनुमति मिली थी। विद्यार्थियों पर पूरी तरह पाबंदी रही। अब शासन ने 19 अक्तूबर से कई प्रतिबंधों और कोविड-19 व्यवस्थाओं के साथ विद्यालय खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं।
जिले में 162 हाईस्कूल/इंटर कॉलेजों सहित सीबीएसई बोर्ड के 6 और संस्कृत के 20 विद्यालयों सहित पॉलिटेक्निक और आईटीआई खोले जाएंगे। इन कॉलेजों में गाइड लाइन के अनुरूप सीटिंग व्यवस्था की गई है। इसके अलावा गेट पर ही थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइजेशन, कक्षाओं से लेकर पूरे परिसर में सफाई इत्यादि पर भी सख्ती से अमल के निर्देश दिए गए हैं।
स्कूलों की इन व्यवस्थाओं पर शासन द्वारा नामित और स्थानीय अधिकारी लगातार निरीक्षण करेंगे और नजर रखेंगे। डीआईओएस विनोद सिंह ने बांदा शहर में जीजीआईसी, जीआईसी, आदर्श बजरंग इंटर कालेज, आर्य कन्या इंटर कॉलेज, डीएवी इंटर कॉलेज सहित तिंदवारी में जीजीआईसी व एसएन इंटर कॉलेज आदि स्कूलों का निरीक्षण किया। प्रबंधक/प्रधानाचार्यों को गाइड लाइन का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
18 शिक्षकों की टीम करेगी जांच
डीआईओएस ने बताया कि स्कूलों में गाइड लाइन का पालन कराने के लिए जिलास्तर पर 18 शिक्षकों की टीम गठित की गई है। टीम स्कूलों की 19 अक्तूबर से लगातार रेंडम जांच करेगी। जांच का प्रमाणपत्र भी संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य को दिया जाएगा। इसके अलावा शासन स्तर से एक उच्चस्तरीय जांच समिति भी गठित की गई है।