बांदा। मेशन प्रेरणा के तहत आपरेशन कायाकल्प में निर्धारित 14 बिंदुओं पर कराए जाने वाले कार्यों की प्रगति संतोषजनक न होने पर डीएम आनंद कुमार सिंह असंतोष जताया है। गुरुवार को कलक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि सभी बीडीओ, खंड शिक्षाधिकारी, एडीओ पंचायत और तकनीकी सहायक की उपस्थिति में कायाकल्प कार्यों का स्टीमेट तैयार कराया जाए।
बीडीओ और खंड शिक्षाधिकारी समन्वय बनाकर कंपोजिस्ट ग्रांड और पंचायत निधि से कार्यों का ब्योरा तैयार करें। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी हरिश्चंद्र नाथ ने बताया कि जनपद में कुल 1804 परिषदीय विद्यालय हैं। इनमें 284 को कायाकल्प के सभी बिंदुओं से संतृप्त कर लिया गया है। 209 में काम चल रहा है। डीएम ने निर्देश दिए कि पहली मार्च तक शेष विद्यालय पूरी तरह संतृप्त किए जाएं। (संवाद)
सात एक्सईएन समेत नौ अफसरों का वेतन रोका
प्रधानों की जांच रिपोर्ट न देने पर डीएम की कार्रवाई
कृषि उप निदेशक, जिला कृषि अधिकारी भी शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। ग्राम प्रधानों के विरुद्ध शपथपत्रों के साथ की गई शिकायतों की जांच रिपोर्ट पेश न करने पर डीएम ने सात अधिशासी अभियंताओं समेत उप कृषि निदेशक और जिला कृषि अधिकारी का फरवरी माह का वेतन रोक दिया है। इन सभी को वेतन तभी मिलेगा जब जांच रिपोर्ट देंगे।
डीएम आनंद कुमार सिंह ने लघु सिंचाई प्रखंड, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग, नलकूप खंड, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड एक और दो व जल निगम 16वीं शाखा अभियंताओं सहित कृषि उप निदेशक और कृषि अधिकारी को जारी नोटिस में कहा कि उन्हें ग्राम प्रधानों के विरुद्ध शपथपत्रों के साथ की गई शिकायतों की जांच के लिए जांच अधिकारी नामित किया गया था। एक माह के अंदर जांच रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे।
सीडीओ और डीपीआरओ ने रिमाइंडर पत्र भी भेजे, लेकिन अब तक जांच आख्या नहीं भेजी। यह शासकीय आदेशों की अवहेलना है। जिसके लिए वह दोषी हैं। डीएम ने कहा कि जांच आख्या के अनुसार ही निवर्तमान प्रधानों को पंचायत चुनाव में नो-ड्यूज दिया जाना है। डीएम ने उक्त सभी अधिकारियों को कहा कि तत्काल जांच आख्या उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। जांच आख्या न मिलने पर फरवरी माह का वेतन रोका जाता है।