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नई शिक्षा नीति संजीवनी, वेबिनार पर विद्वानों के विचार

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बांदा। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में राष्ट्रीय शिक्षा नीति ‘21वीं सदी की चुनौतियां एवं संभावनाएं’ विषय पर आयोजित दो दिवसीय वेबिनार का समापन हो गया। इसमें नई शिक्षा नीति की खूबियां बताई गईं।
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विलासपुर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गौरी दत्त शर्मा ने नई शिक्षा नीति के उच्च शिक्षा संबंधी प्रावधान बताए। प्राचार्य/बीएसए हरिश्चंद्र नाथ ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति की उपयोगिता पर विस्तृत चर्चा की।
कहा कि नई शिक्षा नीति वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में संजीवनी का काम करेगी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय कला संकाय के पूर्व डीन डॉ. एसपी गुप्ता ने आज के समय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति की आवश्यकता पर विचार रखे। कन्वेयर एजुकेशन (बुंदेलखंड विश्वविद्यालय) डॉ. ओमकार चौरसिया ने नई शिक्षा नीति में पूर्व प्राथमिक व प्राथमिक शिक्षा मातृ भाषा में क्यों पर प्रकाश डाला।
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डॉ. राजेश पांडेय ने डॉ. मनोज पांडेय (अध्यक्ष दीनदयाल शोध पीठ पूर्वांचल विश्वविद्यालय) का परिचय दिया। दो दिन चले वेबिनार को संदीप कुमार, डॉ. सुरभि कटियार, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. सत्यम मिश्रा, डॉ. अनिल कुमार, प्रतीक कुमार वर्मा, गुनराज सिंह, ऊषा गुप्ता, डॉ. निशा तिवारी, डॉ. वीरेंद्र रत्नाकर, डॉ. रवि चौरसिया ने भी संबोधित किया।
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