नरैनी क्षेत्र में केन नदी पर बनाए गए अवैध पुलों और
अवरोधों को तत्काल हटाने के नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा हाल ही
में दिए गए आदेश पर फिलहाल कोई अमल होता नजर नहीं आ रहा।
करतल
पुलिस चौकी अंतर्गत बरसड़ा मानपुर गांव में बालू कारोबारियों द्वारा केन
नदी पर बनाया गया अवैध पुल बरकरार है। नदी की जल धारा थम जाने से कई गांवों
में नदी सूखने की कगार पर है। मवेशियों के लिए पानी संकट गहराने लगा है।
हाल
ही में एनजीटी ने यूपी और एमपी सरकारों को केन नदी से पुल आदि अवरोध
हटवाने के स्पष्ट आदेश दिए हैं। यह भी कहा है कि इन्हें हटवाकर एनजीटी में
रिपोर्ट दाखिल करें। फिलहाल दोनों सूबों के अफसरों पर इस आदेश का कोई असर
नहीं है।
बरसड़ा मानपुर में पुलिस चौकी करतल से मात्र पांच किमी
दूर बसे इस गांव में केन नदी बहती है। उस पार मध्य प्रदेश के छतरपुर जिला
का धौरहा गांव है। बरसड़ा और बिल्हरका से मध्य प्रदेश के बालू कारोबारी
दिन-रात अवैध खनन कर रहे हैं। रोजाना भारी मात्रा में बालू मध्य प्रदेश जा
रही है।
बिल्हरका में 308 बीघा में बालू फैली है। यहां के किसान
अमर सिंह ने बताया कि उनका खेत केन नदी से लगा है। बालू के ट्रक रात-दिन
जबरन खेत से निकाले जा रहे हैं। एसडीएम और क्षेत्राधिकारी से शिकायतों का
कोई असर नहीं पड़ा।
उधर, इस बारे में एसडीएम नरैनी सुधीर कुमार ने
बताया कि बिल्हरका में छापा मारकर अवैध खनन रुकवा दिया गया है। बरसड़ा
मानपुर में नदी की जलधारा पर बनाए गए पुल के बारे में अनभिज्ञता जताई। कहा
कि जांच करवाएंगे। अवैध पुल पाया गया तो उसे तोड़ा जाएगा।