अधिशासी अभियंता केशवलाल द्वारा आत्महत्या की बात उनके परिजनों के गले नहीं उतर रही। इनका कहना है कि अगर आत्महत्या की है तो जरूर किसी ने मजबूर किया है। अभियंता के छोटे भाई ने बताया कि जब भी फोन पर बात होती थी, अधिशासी अभियंता यही कहा करते थे कि जब से बांदा आया हूं, परेशान हूं।
एक्सईएन केशवलाल जुलाई 2014 में इलाहाबाद से बांदा तबादले पर आए थे। परिवार में पत्नी बबली देवी और दो पुत्रियां मीरा और निशा हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। पुत्र पंकज सिंह इलाहाबाद में इंडियन ओवरसीज बैंक में असिस्टेंट मैनेजर हैं। इन दिनों वे बैंक के काम से चेन्नई में है।
पिता की मौत की सूचना दे दी गई है। उधर, छानबीन में जुटी पुलिस का कहना है कि फिलहाल कोई ऐसा सुबूत नहीं मिला है, जिससे मामला हत्या का माना जा सके। फौरी तौर पर तो आत्महत्या ही नजर आ रही है। अधिशासी अभियंता की मौत पर हरेक विभागीय अधिकारी, कर्मचारी को अफसोस है।
सोमवार को अधिशासी अभियंता के शव का पोस्टमार्टम दो डाक्टरों डॉ. विनीत सचान और डॉ.एमसी पाल के पैनल ने किया। वीडियोग्राफी भी कराई गई। पोस्टमार्टम में मौत की वजह गले में फंदा कसना बताया गया है।
उधर, पोस्टमार्टम हाउस में चित्रकूटधाम मंडल के चारों जनपदों के जल निगम अभियंता और कर्मचारियाें का जमघट रहा। परियोजना प्रबंधक रईस अहमद, अधिशासी अभियंता एसपी सिंह व आशाराम (महोबा), जेपी सिंह (चित्रकूट) सहित राम बिहारी अग्रवाल, मोहित वर्मा, देवेंद्र गोस्वामी, बीपी अग्रवाल, जल निगम कर्मचारी नेता एसके सिंह, जेई सुशील वर्मा, रोहित राणा आदि मौजूद थे।