बांदा। चार माह में 2000 रुपये की दर से साल में 6000 रुपये की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि लेने वाले चित्रकूटधाम मंडल के 4200 किसानों से यह ‘सम्मान’ छीना जा सकता है। सरकार के पैमाने में यह निधि के मानकों के अनुरूप नहीं हैं। यह संपन्न हैं। इनकी संपन्नता का मानक सरकार ने यह माना है कि इन किसानों ने फरवरी 2019 के बाद जमीन खरीदी है। इन किसानों को चिह्नित किए जाने के बाद सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसी के बाद इनसे निधि राशि वापस लेने की कार्रवाई शुरू होगी।
चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों में किसानों की संख्या तकरीबन 14 लाख है। पीएम किसान सम्मान निधि योजना फरवरी 2019 में लागू हुई। योजना में अब तक मंडल के 12 लाख से अधिक किसान अपना रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। इन किसानों ने निधि हासिल करने के लिए ऑनलाइन/ऑफलाइन आवेदन किए।
कृषि विभाग चयन की प्रक्रिया पूरी करके पात्र किसानों के खाते में निधि की राशि हर चार माह में 2000 रुपये भेजता है। जांच पड़ताल के बाद 11.55 लाख किसानों को कृषि विभाग ने पात्र मानते हुए उन्हें निधि राशि भेजनी शुरू कर दी। अब तक 8.06 लाख किसानों को निधि की पांच किस्तों में पांच करोड़ 60 लाख रुपये दिए जा चुके हैं।
जांच पड़ताल के बाद किसानों को सम्मान के रूप में पैसा भेजने के बाद विभाग को सुध आई कि इनमें कुछ किसान अपात्र हैं। लगभग 4200 किसान ऐसे चिह्नित किए गए हैं जिन्होंने योजना लागू होने यानी फरवरी 2019 के बाद एक एकड़ से अधिक जमीनें खरीदी हैं। इसके बाद भी निधि में आवेदन करके इसका लाभ हासिल कर लिया है। शासन ने ऐसे किसानों को अपात्र श्रेणी में रखा है। लिहाजा उपरोक्त 4200 किसानों से निधि राशि वापस लेने की कार्रवाई कर रहा है।
डाटा फीडिंग में उजागर हुए अपात्र किसान
डाटा फीडिंग के दौरान यह बात उजागर हुई कि मंडल में लगभग 4200 किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना लागू होने के बाद एक एकड़ से अधिक जमीनें खरीदी हैं। यह योजना की गाइड लाइन के विपरीत है। ऐसे किसानों को जांच और सत्यापन के बाद योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा।
गलत सूचना या आंकड़े दर्शाकर निधि लेने वालों पर भी रिकवरी आदि की कार्रवाई होगी। इस बारे में सभी एसडीएम से कहा गया है कि किसानों के सत्यापन में संबंधित कर्मचारी सतर्कता बरतें।-एके सिंह, प्रभारी संयुक्त निदेशक (कृषि), चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
मंडल में सम्मान निधि के लाभान्वित व अपात्र किसान
जिला पंजीकृत लाभार्थी अपात्र
बांदा 3,39,645 2,17,049 1680
चित्रकूूट 3,10,111 2,09,122 1330
महोबा 2,85,221 1,95,238 700
हमीरपुर 2,20,148 1,85,180 500
योग 11,55,125 8,06,589 4200
क्या है पीएम किसान सम्मान योजना
आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को राहत पहुंचाने के लिए फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की घोषणा की थी। इसमें लघु और सीमांत किसान जिनके पास दो हेक्टेयर से कम भूमि है, उन्हें पात्र माना गया है। उन्हें न्यूनतम सहायता के रूप में प्रतिवर्ष 6000 रुपये दिए जा रहे हैं।
इसकी वैधता एक वर्ष होती है। किसान की भूमि के ट्रांसफर, वसीयत, लैंड रिकार्ड में बदलाव आदि संशोधनों के आधार पर हर वर्ष नई लिस्ट तैयार की जाती है। जिन किसानों की जमीन में कोई बदलाव नहीं हुआ है उन्हें जस का तस लिस्ट में शामिल रखा जाता है। 10 हजार से अधिक मानदेय पाने वाले किसानों, पति-पत्नी में एक को व नाबालिग किसान को योजना से अलग रखा गया। योजना के लाभ से ऐसे किसानों को भी अलग रखा गया। जिन्होंने योजना शुरू होने के बाद जमीनें खरीदी हैं।
कैसे मिलता है योजना का लाभ
पीएम किसान सम्मान योजना के लिए किसानों को आवेदन करने के कई विकल्प दिए गए हैं। किसान सीधे जमीन का खसरा, खतौनी, बैंक का खाता संख्या, आधार कार्ड की फोटो कापी लगाकर लेखपाल से आवेदन को सत्यापित कराकर सीधे कृषि विभाग में जमा कर सकता है। दूसरे विकल्प में किसान जनसेवा केंद्र, कैफे व मोबाइल से सम्मान निधि के लिए पंजीयन करा सकता है। लेकिन इसके लिए विभाग को बाद में राजस्व विभाग से सत्यापन कराना होता है।
एक ही परिवार में कई निधि लेने वालों से भी रिकवरी
जमीन खरीदकर अपात्रता की श्रेणी में आ गए किसानों के साथ उन किसानों से भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि वापस ली जाएगी, जिन्होंने एक ही परिवार में अलग-अलग नामों से राशि हथियाई है।
फिलहाल छानबीन में चित्रकूटधाम मंडल में ऐसे किसानों की संख्या करीब 553 सामने आई है। इन किसानों ने खुद और पत्नी या बच्चों के नाम रजिस्ट्रेशन और आवेदन करके निधि हासिल की है। इन किसानों में बांदा में 187, चित्रकूट में 275 और हमीरपुर में 91 किसान शामिल हैं। महोबा कोई ऐसा किसान नहीं पाया गया।