-फीडबैक में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद डीएम ने की कार्रवाई
-सितंबर का वेतन अग्रिम आदेश तक रहेगा बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
बांदा। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही बरतना 21 अधिकारियों को भारी पड़ा। शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा में असंतोषजनक फीडबैक और अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने सितंबर 2026 का वेतन अग्रिम आदेश तक रोक दिया है।
जिलाधिकारी अमित आसेरी ने अधिकारियों को आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध, तथ्यपरक और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कई अधिकारियों के निस्तारण पर शिकायतकर्ताओं से असंतोषजनक फीडबैक मिला। समीक्षा में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर यह कार्रवाई की गई है। वेतन रोकने की कार्रवाई में अधिशासी अभियंता विद्युत बांदा (ग्रामीण), अधिशासी अभियंता उप्र जल निगम (ग्रामीण), बांदा, सहायक विकास अधिकारी पंचायत कमासिन, जिला समाज कल्याण अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत महुआ, एलडीएम बांदा, एसडीएम अतर्रा, एसडीएम पैलानी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, प्रभारी चिकित्साधिकारी कमासिन और बाल विकास परियोजना अधिकारी नरैनी शामिल हैं।
इसके अलावा सहायक विकास अधिकारी पंचायत बड़ोखर खुर्द, तहसीलदार अतर्रा, एसडीएम बबेरू, प्रभागीय वन अधिकारी बांदा, खंड विकास अधिकारी नरैनी, तहसीलदार बबेरू, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी, सहायक विकास अधिकारी पंचायत तिंदवारी, तहसीलदार नरैनी और सहायक विकास अधिकारी पंचायत बबेरू का भी सितंबर का वेतन रोका गया है।
डीएम ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनशिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। शिकायतों के निस्तारण में शिथिलता या असंतोषजनक फीडबैक मिलने पर संबंधित अधिकारी का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।