बांदा। आईजीआरएस और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक निस्तारण में लापरवाही जिले के 11 अधिकारियों को भारी पड़ी है।
डीएम अमित आसेरी ने शिकायतों के निस्तारण में अपेक्षित सुधार नहीं होने पर इन अधिकारियों का अगस्त माह का वेतन अग्रिम आदेशों तक रोकने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने कहा कि आईजीआरएस मासिक रिपोर्ट में बांदा को प्रदेश स्तर पर 44वीं रैंक मिली है जबकि जून में जिला 40वीं रैंक पर था। अधिकारियों की ओर से शिकायतों के निस्तारण के बाद प्राप्त संतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत कम रहने का जिले की रैंकिंग पर प्रतिकूल असर पड़ा।
जिन अधिकारियों का वेतन रोका गया है, उनमें यूपी जल निगम (ग्रामीण) के अधिशासी अभियंता विमल कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमित कुमार अवस्थी, अतर्रा के तहसीलदार नरेंद्र कुमार यादव, बबेरू के उप जिलाधिकारी अवनीश त्यागी शामिल हैं।
इनके अलावा बिसंडा के खंड विकास अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) बिसंडा अरुण कुमार कुशवाहा, सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) बबेरू गुरु प्रसाद, नरैनी की बाल विकास परियोजना अधिकारी रेखा केशरवानी इसमें शामिल हैं।
वहीं अतर्रा नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी विजेता गुप्ता, कमासिन के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. दिनेश राजपूत और नरैनी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. विकास यादव शामिल हैं।