बांदा। नाबालिगों के यौन शोषण प्रकरण से जुड़े आईटी एक्ट के मामले में बुधवार को विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। सीबीआई की ओर से दूसरा गवाह पेश नहीं किया गया। न्यायालय ने मामले की अगली सुनवाई के लिए एक सितंबर की तारीख तय की है।
यौन शोषण के मामले में 20 फरवरी को फांसी की सजा पा चुके चित्रकूट सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन को जेल से न्यायालय में पेशी के लिए लाया गया था। वहीं, मामले के सहआरोपी दिल्ली निवासी इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के अधिवक्ता ने स्वास्थ्य खराब होने के कारण उसकी हाजिरी माफी के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से कांस्टेबल विजय सिंह मीना अदालत में उपस्थित रहे। मामले के मुख्य गवाह दिल्ली के केनरा बैंक प्रबंधक मनोज सिंह गौतम न्यायालय में पेश नहीं हुए। इसके अलावा सीबीआई की ओर से दूसरा गवाह भी अदालत में नहीं लाया गया। पिछली सुनवाई में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने बैंक प्रबंधक से जिरह की थी।
सीबीआई की जांच में नाबालिगों के यौन शोषण के मामले में सजायाफ्ता निलंबित जेई रामभवन और सहआरोपी इंजीनियर मोहम्मद आकिफ के खिलाफ आईटी एक्ट के उल्लंघन और संगठित साजिश के आरोप सामने आए थे। दोनों के खिलाफ 31 अक्तूबर 2020 को दिल्ली में मुकदमा दर्ज किया गया था। वर्ष 2021 में न्यायालय ने मामले में आरोप तय किए थे।
वर्तमान में विचाराधीन इस मामले में सीबीआई ने 12 गवाहों को शामिल किया है। शासकीय अधिवक्ता ने बताया कि आईटी एक्ट के मामले में सुनवाई की प्रक्रिया जारी है और अगली तारीख एक सितंबर निर्धारित की गई है।