चर्च परिसर में शराब के नशे में गार्ड्स और वहां चल रहे स्कूल के प्रधानाचार्य व उनके भाई के साथ मारपीट, तोड़फोड़ के मामले में डीआईजी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सिविल लाइन चौकी प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी और कोतवाली प्रभारी के विरुद्ध जांच बैठा दी है।
यह जांच पुलिस अधीक्षक करेंगे और पांच दिन में रिपोर्ट देंगे। इसके अलावा नामजद आरोपियों को 24 घंटे में गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। डीआईजी ने कहा है कि यह घटना पूरी तरह आपसी और साधारण मारपीट की है। चर्च पर हमला जैसी कोई घटना नहीं है।
चिल्ला रोड पर स्थित सेंट जार्ज चर्च (पीला चर्च) में 9 मई की रात करीब साढ़े 12 बजे परिसर में ही रहने वाले चंदन व उसके कुछ साथियों ने जार्ज स्कूल एंड कालेज के सुरक्षा गार्ड्स से मारपीट की। हमलावर शराब के नशे में थे। उन्होंने पथराव भी किया, जिससे चर्च की खिड़कियों के शीशे टूट गए।
शोर सुनकर प्रधानाचार्य अलबर्ट रसकिन और उनके भाई एलफ्रेड रसकिन आए तो उनके साथ मारपीट की गई। प्रधानाचार्य अलबर्ट रसकिन ने कोतवाली पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने चंदन, राकेश और सुनील के खिलाफ मारपीट की धारा 323 का मुकदमा दर्ज कर लिया।
कोबरा टीम के सिपाही एक आरोपी को पकड़ लाए। उसके बाद पुलिस शांत हो गई। कोई पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं गया। डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। डीआईजी ने कहा कि हालांकि यह साधारण मारपीट का मामला है।
चर्च पर हमले जैसी कोई बात नहीं है, लेकिन सिविल लाइन चौकी और कोतवाली पुलिस ने लापरवाही की है। अपर एसपी और क्षेत्राधिकारी भी लापरवाह रहे। डीआईजी ने सिविल लाइन चौकी प्रभारी रामआसरे त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
साथ ही अपर एसपी आशुतोष शुक्ल, क्षेत्राधिकारी विनोद सिंह और कोतवाली प्रभारी रनवीर सिंह के विरुद्ध प्रारंभिक जांच (पीआई) के आदेश दिए हैं। यह जांच पुलिस अधीक्षक खुद करेंगे। पांच दिन मेें अपनी जांच रिपोर्ट डीआईजी को देंगे।
डीआईजी ने बताया कि घटना के दूसरे दिन भी कोई पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं गया। सिर्फ एनसीआर दर्ज कर ली। सभी नामजद आरोपी भी गिरफ्तार नहीं किए। डीआईजी ने कहा कि 24 घंटे में आरोपियों की गिरफ्तारी और धाराएं बढ़ाने का आदेश दिया गया है।
विवाद की जड़ किराए का मकान
बांदा। चर्च परिसर में विवाद की जड़ किराए के मकान का मामला है। अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ल ने बताया कि आरोपी चंदन चर्च परिसर में किराएदार है। इस मकान को खाली करने को लेकर विवाद चल रहा है। शनिवार की रात चंदन करीब साढ़े 12 बजे कहीं से घर लौटा था। चर्च के चौकीदार से गेट खोलने को लेकर विवाद हो गया। इसी में बात बढ़ गई और मारपीट हुई। चर्च पर हमले जैसी कोई घटना नहीं हुई है।
मसीही समुदाय की सुरक्षा का भेजा पत्र
सेंट जार्ज चर्च और सेंट पाल्स चर्च के पादरी वाई रसकिन और जितेंद्रनाथ ने प्रदेश के पुलिस अधिकारियों, क्रिश्चियन डायसिस के लखनऊ और इलाहाबाद स्थित पदाधिकारियों को इस बारे में पत्र भेजा है। इसमें मसीही समुदाय, चर्च व स्कूल की सुरक्षा की गुहार लगाई गई है। पत्र में अलबर्ट रसकिन, रोमियोदास, ईसा चरण राज, संजू एलबर्ट, गजराज साहू, रोहित दास और शीला लुईस के भी हस्ताक्षर हैं।
रिपोर्ट में बढ़ाई गई धाराएं
चर्च में हुई मारपीट मामले में डीआईजी के तेवरों के बाद कोतवाली पुलिस ने पूर्व में दर्ज की गई धारा 323 की रिपोर्ट में धारा 295 और 336 आईपीसी तथा 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट कर बढ़ा दी है। पुलिस ने नामजद आरोपियों में से राकेश को गिरफ्तार कर लिया है।