उत्तर प्रदेश विधान परिषद में नेता विरोधी दल और बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने केंद्र और यूपी सरकार पर दैवी आपदा पीड़ित किसानों की मदद के नाम पर मजाक उड़ाने का आरोप लगाया है। फसल बर्बाद हो जाने के बाद किसानाें द्वारा आत्महत्या और सदमों से मौतों पर नेता प्रतिपक्ष ने दोनों सरकारों को रोम के राजा ‘नीरो’ की संज्ञा दी। कहा कि जब रोम जल रहा था तब नीरो बंशी बजा रहा था।
अपना और अपनी एमएलसी पत्नी हुस्ना सिद्दीकी का एक माह का वेतन दैवी आपदा पीड़ित किसानों को बांटने आए नसीमुद्दीन सोमवार को अपने आवास पर मीडिया से मुखातिब हुए। कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों ने मुसीबतजदा किसानों की मदद के नाम पर उनका मखौल उड़ाया है।
कई जिलों में सिर्फ 50-50 रुपये के राहत चेक बांटे गए हैं। केंद्र सरकार का भूमि अधिग्रहण बिल किसान विरोधी और उद्योगपतियों के लिए फायदेमंद है। यह बिल देश के अन्नदाता को कंगाल और उद्योगपतियों को मालामाल करेगा। उन्होंने बताया कि बिल के विरोध में बसपा पिछले माह प्रदेशव्यापी धरना-प्रदर्शन कर चुकी है।
इस विरोध को दूसरा चरण शीघ्र होगा। एक सवाल पर उन्होंने कहा कि देश-प्रदेश में जब-जब भाजपा और सपा की सरकारें बनीं हैं तभी सूखा, बाढ़, अतिवृष्टि, भूकंप आदि कुदरत का कहर आया है। बसपा सरकार के पांच वर्ष में कभी इतनी बड़ी दैवी आपदा नहीं आई।
19 किसानों को बांटे 1.52 लाख रुपये
बांदा। नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने अपना और अपनी पत्नी एमएलसी हुस्ना सिद्दीकी का एक-एक माह का वेतन 19 किसानों के बीच बांटा। हर किसान को यह राशि नगद दी गई। अलीगंज स्थित अपने आवास पर आयोेजित सादे समारोह में जनपद के चारों विधानसभा क्षेत्रों के बेहद गरीब किसानों को मदद राशि सौंपी।
उन्होंने कहा कि बसपा सुप्रीमो ‘बहन जी’ ने अपने सभी विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और राज्य सभा सदस्यों को एक-एक माह का वेतन अपने निर्वाचन क्षेत्रों में पीड़ितों को बीच जाकर बांटने का निर्देश दिया है। इसी क्रम में उन्होंने आज यह राशि किसानों को बांटी है।
राहत राशि पाने वाले किसानों में सभी जाति और वर्गों के छोटे किसान शामिल हैं। इस अवसर पर पूर्व सांसद आरके सिंह पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष बल्देव वर्मा, मंडल कोआर्डिनेटर कौशलेंद्र, बसपा जिलाध्यक्ष प्रदीप वर्मा, महासचिव लल्लू निषाद, बीएम कुशवाहा, मोहम्मद इदरीस, मुमताज अली, मधुसूदन कुशवाहा, दिनेश चंद्र शुक्ला, शमशाद अहमद, नासिर मंसूरी, अशोक पांडेय (अतर्रा) आदि मौजूद रहे।