फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मलाईदार पद पाने की होड़ में भूले जलापूर्ति

Thu, 12 May 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
बांदा शहर के कांशीराम कालोनी के हैंडपंप पर पानी के लिए मची मारामारी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बांदा। प्रमोशन के बाद मलाईदार पद पाने की होड़ में जल संस्थान के अभियंता मंडल मुख्यालय के लाखों उपभोक्ताओं की समस्याओं को भूल गए हैं। शहर में दिन-ब दिन पेयजल संकट गहरा रहा है। महाप्रबंधक से लेकर अवर अभियंता तक सुध नहीं ले रहे हैं।
विज्ञापन


यहां जल संस्थान अधिशासी अभियंता पद पर सीधे तैनाती नहीं की गई है। सुरेशचंद्र फिलहाल इस पद पर काम देख रहे हैं। उधर, यहां तैनात अवर अभियंता नरेंद्र चौधरी, विमल श्रीवास्तव और चित्रकूट (कर्वी) में तैनात एके शर्मा तथा हमीरपुर मेें कार्यरत अवर अभियंता शिवऔतार पदोन्नति पाकर सहायक अभियंता हो गए हैं।

यहां सहायक अभियंता को ही कई बार अधिशासी अभियंता का चार्ज देकर काम लिया जा रहा है। ऐसे में पदोन्नत सहायक अभियंता पूरी जुगत भिड़ा रहे हैं कि उन्हेें मंडल में कहीं भी अधिशासी अभियंता का चार्ज मिल जाए। इसके लिए वह आए दिन लखनऊ के चक्कर भी लगा रहे हैं। उनकी यह व्यस्तता यहां जलापूर्ति व्यवस्था में आड़े आ रही है।
विज्ञापन


पिछले वर्ष तक शहर में कुछेक इलाकों को छोड़कर सभी इलाकों में नियमित जलापूर्ति हो रही थी। कुछ मोहल्लों में तो शाम को भी आपूर्ति की जा रही थी, लेकिन अबकी गर्मी की शुरुआत में ही जल संस्थान की व्यवस्था पूरी तरह चौपट हो गई है। पूर्व में जल संस्थान के अभियंता सुबह जलापूर्ति के समय रोजाना शहर मेें भ्रमण कर जायजा लेते थे।

मौजूदा सारे अभियंता सोते रहते हैं। जल संस्थान अपने कार्यालय की नाकतले ही बाशिंदों को पानी नहीं दे पा रहा। उधर, इस बारे में अधिशासी अभियंता यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग जेई हैं।

वही बता पाएंगे कहां-क्या समस्या है? जल कल अभियंता विमल श्रीवास्तव का कहना है कि नदी में पानी का भी जबरदस्त संकट है। पिछले दो दिनों से जेसीबी लगवाकर जलधारा को इंटेकवेल की तरफ मोड़ने और गहराई बढ़ाने का काम चल रहा है। जल संस्थान वाले बिजली कम मिलने का पुराना रटारटाया जवाब भी दे रहे हैं।

पानी के लिए एआईएमआईएम करेगा आंदोलन
बांदा। शहर में चल रहे पेयजल संकट पर आल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने कड़ा विरोध जताते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। साथ ही पानी का बदला विधानसभा चुनाव मेें लेने को कहा है। जिला महासचिव वाजिद अली ने कहा कि अधिकारी स्थलीय निरीक्षण के बजाय घरों में आराम करते हैं। उनके अधीनस्थ अधिकारी गलत रिपोर्ट देकर उच्चाधिकारियों को गुमराह कर रहे हैं। छिपटहरी, कलामत मोहाल, मर्दननाका, कांशीराम कालोनी आदि मेें पानी के जबरदस्त लाले हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें