बांदा। चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों बांदा, हमीरपुर, महोबा और चित्रकूट में खुले 1361 जन सुविधा केंद्र लोगों से शुल्क लेकर सुविधाएं तो मुहैया करा रहे हैं, लेकिन केेंद्र के बाहर न तो मूल्यों की सूची चस्पा कर रहे और न ही देने वाली सेवाओं का ही जिक्र कर रहे हैं। तय शुल्क लेने के मामले में भी कई जगहों पर गड़बड़ियों की बात भी सामने आई है। इसको लेकर मंडल के कमिश्नर दिनेश कुमार सिंह ने सख्त रुख अपनाया है।
कमिश्नर ने जन सुविधा केंद्रों के संचालकों को अपने यहां सेवाओं से संबंधित सूची और मूल्य का बोर्ड लगाने के निर्देश देते हुए संबंधित लेखपालों से जांच कराने का फरमान जारी किया है। कमिश्नर का स्पष्ट कहना है कि जो भी केंद्र अपने यहां मूल्य सूची और सेवाओं का बोर्ड नहीं लगाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत कमिश्नर ने चारों जिलों के डीएम को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि महोबा जिले के वार्ड नंबर पांच के भ्रमण में वहां खुले जन सुविधा केंद्र में किसी भी सुविधा का मूल्य अंकित नहीं था। वहां किस प्रकार की सुविधाएं दी जा रहीं, उसका कितना पैसा जन सुविधा केंद्र को दिया जाएगा। यह भी अंकित नहीं था।
कहा कि इससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है। उन्होंने निर्देश दिए कि अब मंडल के चारों जनपदों में संचालित सभी जन सुविधा केंद्रों पर क्या-क्या सेवाएं दी जाएंगी, उनका क्या मूल्य लिया जाएगा, इसकी सूची बनाकर केंद्रों के बाहर टांगा जाए, जिससे जन सामान्य भ्रमित न हो और उनसे ज्यादा पैसा न लिया जा सके। उन्होंने मंडल के सभी जिलाधिकारियों से इस पर एक सप्ताह के अंदर जांच कराकर रिपोर्ट मांगी है। जांच लेखपालों से कराने के भी निर्देश दिए हैं।
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मंडल में जनसेवा केंद्रों का ब्योरा---
जनपद जन सेवा केंद्र
बांदा 388
हमीरपुर 330
महोबा 273
चित्रकूट 370
योग 1361
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केंद्रों में मिलती हैं ये सुविधाएं---
जाति, आय, आयु, दिव्यांग प्रमाणपत्र, खतौनी, साल्वेंसी प्रमाणपत्र, मेडिकल प्रमाणपत्र, मृत्यु प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति आवेदन, विवाह प्रमाणपत्र, श्रम पंजीयन, परिवहन विभाग से संबंधी कार्य, दार्शनिक स्थलों की यात्रा (सीनियर सिटीजन) का रजिस्ट्रेशन, नौकर सत्यापन आवेदन समेत 259 सुविधाएं शामिल हैं। इन सुविधाओं की जनसेवा केंद्र संचालक विभाग वार सूची बनाए हैं। जैसे मेडिकल हेल्थ, सोशल वेलफेयर, वोमेन वेलफेयर एंड चाइल्ड डेवलपमेंट, हैंडीकैप वेलफेयर आदि।
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वर्ष 2016 से अस्तित्व में आए केंद्र
जनता की सुविधा के लिए जन सेवा केंद्रों की शुरुआत वर्ष 2016 में हुई थी। हर तीन साल में इनका नवीनीकरण किया जाता है। वर्तमान में बांदा जनपद में सीएससी ई-गर्वनेंस और आईपीसीएल को टेंडर मिला है। इनके केंद्र जनवरी 2021 से यहां संचालित हैं।
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प्रमाणपत्र के लिए 30 रुपये शुल्क
जन सेवा केंद्रों में आय, जाति, निवास व अन्य सुविधाओं के लिए न्यूनतम दर 30 रुपये निर्धारित है। यह मूल्य शासन की ओर से निर्धारित किया गया है। हालांकि, आयुष्मान योजना के तहत कार्ड बनवाने में कोई शुल्क नहीं लगेगा। इसकी जानकारी न होने पर अधिकांश केंद्रों में 50 से 100 रुपये तक की वसूली की जा रही है। इसी को लेकर कमिश्नर ने रेट लिस्ट व सुविधाओं की सूची केंद्रों में अंकित कराने के निर्देश दिए हैं।
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स्कूल समय पर बच्चों को खेतों में न ले जाएं
स्कूल के समय बच्चों को अभिभावक अपने साथ खेत-खलिहान न ले जाएं। इसके लिए शिक्षा विभाग अभियान चलाकर अभिभावकों को प्रेरित करें। यह निर्देश मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने चारों जिलों के बीएसए को दिए हैं। कहा कि ज्यादातर गांवों में अभिभावक बच्चों को खेत काटने आदि के कामों में हाथ बंटाने के लिए साथ ले जाते हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। बीएसए शिक्षकों के माध्यम से अभिभावकों को प्रेरित करें कि स्कूल समय पर बच्चों को अपने साथ न ले जाएं। साथ ही घर-घर जाकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें। मंडलायुक्त ने महोबा जिले के एक विद्यालय के निरीक्षण में बच्चों की कम उपस्थिति का जिक्र भी किया। कहा कि विद्यालय में सिर्फ नौ बच्चे, इनमें से चार बच्चों को ही जूते-मोजे मिले थे। उन्होंने सभी डीएम को निर्देश दिए कि सभी शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा करें।
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कार्यों में लाखों का गबन, जांच के आदेश
ग्राम पंचायत के विकास कार्यों में लाखों रुपये गबन के मामले में शासन के निर्देश पर आयुक्त ने समिति गठित कर जांच के आदेश दिए हैं। महोबा जिले के ग्राम पंचायत बघौरा के ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि ग्राम पंचायत में वर्ष 2016-17, 2018 व 2019 में कराए गए विकास कार्यों में 25 लाख से अधिक का सरकारी धन का गबन किया गया है। मामले को प्रदेश के सचिव लोक आयुक्त ने मंडलायुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। शासन के आदेश पर मंडलायुक्त दिनेश कुमार सिंह ने जांच के लिए एडीएम बांदा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है। सदस्य अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण, लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा विभाग को नामित किया है। निर्देश दिए कि जांच कर 27 मार्च तक रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
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केंद्र से योजनाओं का मिल रहा है लाभ
हमीरपुर। सीएससी के ई-डिस्ट्रिक मैनेजर अमित कुमार सिंह ने बताया कि जिले में 330 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां लोगों को प्रधानमंत्री फसल बीमा, बैंकों से आधार कार्ड के जरिए धन निकासी, ई-शॉपिंग, बीमा समेत अन्य कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जाती हैं। इनमें यूपी सरकार की योजनाओं का लाभ देने को जनसेवा केंद्र संचालित हैं। एनआईसी के ई डिस्ट्रिक मैनेजर कुमार चक्रेश त्रिवेदी ने बताया कि यूपी सरकार के निर्देशानुसार जिले की हर ग्राम पंचायत में दो-दो केंद्र संचालित करने हैं। जिसके लिए चार माह का समय दिया गया है। अभी तक जनपद में करीब दो सौ जन सेवा केंद्र संचालित किए गए हैं। (संवाद)
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फोटो परिचय-10
शहर से ग्रामीण क्षेत्रों में खुले हैं केंद्र
चित्रकूट। राशन कार्ड से लेकर आय-जाति प्रमाणपत्र आदि की सुविधा के लिए जिले में 370 जन सुविधा केंद्र खुले हुए हैं, जिसमें आनलाइन काम होता है। जिले में जन सुविधा केंद्र का संचालन दो कंपनियां करती हैं। शहर में जन सुविधा केंद्र का संचालन कर रहे कैलाश सिंह ने बताया कि रोजना 20 से 25 ग्राहक अपना काम कराने आते हैं, जिसमें राशन कार्ड, आय-जाति प्रमाणपत्र व अन्य कार्य किए जाते हैं। राजेश सिंह, अरुण द्विवेदी, ललिता देवी ने बताया कि जन सुविधा केंद्र के खुलने से अच्छी सुविधा मिली है। आनलाइन फार्म भरे जाते हैं। (संवाद)
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लॉकडाउन में बंद हो गए थे केंद्र
महोबा। जिले की 273 ग्राम पंचायतों में जन सुविधा केंद्र खोले जा चुके हैं, लेकिन पिछले साल कोरोना के चलते अधिकांश सेंटर बंद हो गए। जिनको फिर से चालू करने की कवायद की जा रही है। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर पुष्पेंद्र निरंजन ने बताया कि 273 ग्राम पंचायतों में से वर्तमान में करीब 232 जन सुविधा केंद्र ही सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। वहीं शहरी क्षेत्र में नगर पालिका व नगर पंचायतों में 67 जन सुविधा केंद्र संचालित है, जिसमें अकेले महोबा शहर में 27 केंद्र हैं। (संवाद)
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जालौन में चल रहे 713 जन सुविधा केंद्र
जालौन। जिले के 713 जन सुविधा केंद्रों में सीएम कार्यालय लोक शिकायत अनुभाग, राशनकार्ड, रोजगार पंजीकरण, श्रमिक पंजीयन, श्रमिक अंशदान, योजना के लिए आवेदन, खाद्य एवं औषधि केंद्र पंजीकरण, खाद्य लाइसेंस पंजीकरण, वाणिज्य कर विभाग में ई रिटर्न और ई रजिस्ट्रेशन, काशी विश्वनाथ मंदिर बनारस की ई पूजा, आनलाइन दान सुविधा, सीनियर सीनियर के लिए धार्मिक दार्शनिक यात्रा के लिए पंजीकरण, कैलाश मान सरोवर यात्रा के लिए पंजीकरण, बिजली कनेक्शन, मनोरंजन कर विभाग की सेवाएं, पुलिस से शिकायत, किरायेदार का सत्यापन, नौकर व कर्मचारी सत्यापन, चरित्र सत्यापन, जुलूस, हड़ताल का अनुरोध का आवेदन, विरोध प्रदर्शन आवेदन, परिवहन, स्टांप आदि का सेवाएं दी जाती है। 237 एकीकृत विभागीय सेवाएं, ई डिस्ट्रिक में राजस्व विभाग की जाति, आय, निवास प्रमाणपत्र, हैसियत, खतौनी, राजस्व वार विवाद, दिव्यांग प्रमाणपत्र, छात्रवृत्ति, दहेज उत्पीड़न के लिए वित्तीय सहायता, दिव्यांग पेंशन सुविधाएं दी जाती है। (संवाद)