बुंदेलखंड की उपेक्षित नदी चंद्रावल के भी दिन अब बहुरने के आसार हैं। बुंदेलखंड में जल संरक्षण और नदियों की पुनर्धारा विकास कार्यक्रम के तहत चंद्रावल नदी को शामिल किया गया है। इससे चित्रकूटधाम मंडल के तीन जनपदों बांदा, हमीरपुर और महोबा को लाभ मिलेगा। 10 विभागों ने अपने प्रस्तावित कार्यों के लिए एक अरब 54 करोड़ 63 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है।
मंडलायुक्त कल्पना अवस्थी ने प्रदेश के ग्राम्य विकास सचिव को पत्र भेजकर अवगत कराया है कि 25 मई को महोबा में चंद्रावल नदी से संबंधित बैठक हुई थी। इसमें चंद्रावल के उद्गम स्थल से विलय स्थल तक बांदा, महोबा, हमीरपुर क्षेत्रों का सर्वेक्षण कराए जाने का निर्णय लिया गया।
17 जून को तीनों जिलों के सीडीओ और जल क्षेत्र में काम करने वाले कार्यकर्ताओं की उपस्थित में पुन: बैठक हुई। बैठक में 10 विभागों ने नदी के पुनरुद्धार में लागत का प्रस्ताव पेश किया। सभी विभागों ने एक अरब 54 करोड़ 63 लाख 66 हजार रुपये लागत के कार्य बताए हैं।
इसमे 13 करोड़ 68 लाख 58 हजार रुपये बांदा में, 33 करोड़ 86 लाख 56 हजार रुपये हमीरपुर में और एक अरब 7 करोड़ 8 लाख 52 हजार रुपये महोबा जनपद में खर्च होंगे। चंद्रावल नदी के पुनरुद्धार में सबसे ज्यादा 80 करोड़ 74 लाख 10 हजार रुपये सिंचाई विभाग खर्च करेगा।
जबकि 30 करोड़ 97 लाख 73 हजार रुपये लघु सिंचाई, 7 करोड़ 69 लाख 27 हजार रुपये वन विभाग, 27 करोड़ 86 लाख 67 हजार रुपये भूमि संरक्षण (राष्ट्रीय जलागम), 38.11 लाख ग्राम विकास, 97.35 लाख कृषि विभाग, 1 करोड़ 63 लाख उद्यान विभाग, 1 करोड़ 45 लाख रुपये ग्राम सभाएं, 2 करोड़ 48 लाख 13 हजार भूमि संरक्षण व 43.664 लाख रुपये नेडा खर्च करेगा।
मंडलायुक्त ने तीनों जनपदों द्वारा तैयार की गई कार्य योजना प्रदेश सरकार को भेजते हुए अनुरोध किया है कि संबंधित विभागों के राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों से इनका परीक्षण करा लिया जाए। चंद्रावल नदी के पुनरोद्धार से तीनों जनपदों के काफी बड़े भाग में सिंचाई उपलब्ध हो सकेगी।