आईजी की अपराध समीक्षा बैठक के 24 घंटे बाद ही गुरुवार को मंडल मुख्यालय के व्यस्त इलाके में बेखौफ बदमाशों ने दिनदहाड़े साढ़े 11 लाख रुपये लूट की वारदात को अंजाम दे डाला। प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों को निशाना बनाकर बदमाश तमंचा लहराते हुए भाग निकले। लूट की वारदात से शहर में सनसनी मच गई। डीआईजी और एसपी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
सिक्योरिटी और फाइनेंस कार्यों से जुड़ी एक निजी कंपनी के दो कर्मचारियों शैलेंद्र सिंह और सुशील कुमार ने वी-मार्ट और तिंदवारी रोड पर स्थित महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी के शोरूम से साढ़े 11 लाख रुपये लिए। ये लोग एक ही बाइक से कचहरी स्थित स्टेट बैंक की मुख्य शाखा में रकम जमा करने जा रहे थे।
शैलेंद्र बाइक चला रहा था। उसके पीछे कैश से भरा बैग लेकर सुशील कुमार बैठा था। ओवरब्रिज उतर कर प्रधान डाकघर (बंगालीपुरा) के पास नेशनल हाइवे पर पीछे से आए पल्सर बाइक पर सवार तीन युवकों ने इन्हें ओवरटेक किया और तमंचा तानकर शैलेंद्र की बाइक रुकवा ली।
घबराहट में बाइक पलट गई। माजरा भांपकर सुशील कुमार कैश का बैग लेकर पीछे ब्रिज की तरफ भागा। यह देख बाइक सवार दो लुटेरों ने उसका पीछा किया। रमा वाटिका मैरिज हाल के पास तमंचा तान कर उसे घेर लिया और बैग छीनकर वापस अपनी काले रंग की पल्सर पर लौटे।
दिनदहाड़े हुई इस लूट की वारदात को आसपास के दुकानदारों ने देखा लेकिन तमंचों से लैस लुटेरों को रोकने की कोई हिम्मत नहीं जुटा सका। कोतवाली पुलिस कुछ ही देर बाद आ गई और मामूली पूछताछ के बाद लूट के शिकार हुए दोनों युवकों को अपने साथ ले गई।
डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी और एसपी राकेश शंकर तथा अपर एसपी आशुतोष शुक्ला भी मौके पर पहुंच गए। चश्मदीद लोगों से पूछताछ की। गौरतलब है कि पांच दिन पहले अतर्रा निवासी मेडिकल प्रतिनिधि आलोक द्विवेदी को भी शहर के नजदीक अतर्रा हाईवे पर काले रंग की पल्सर पर सवार तीन युवकों ने चाकू मारकर घायल करने के बाद 22 हजार रुपये लूट लिए थे।