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15 लाख के घाटे के साथ खुला रोडवेज बसों का लॉक

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Roadways buses locked with a loss of 15 lakhs - फोटो : BANDA
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बांदा। अनलॉक-1 के साथ शुरू हुई रोडवेज बस सेवाओं में चित्रकूटधाम मंडल में परिवहन निगम को पहले ही दिन लगभग 15 लाख रुपये का घाटा उठाना पड़ा। बमुश्किल 30 फीसदी यात्री आए। लंबी दूरी की बसों में ‘नौ की लकड़ी नब्बे खर्च’ जैसी स्थिति रही। डीजल खर्च भी नहीं निकल सका। चारों जिलों में 132 बसों के संचालन से मात्र 11 लाख रुपये ही किराया आया, जबकि 26 लाख रुपये की दरकार थी।
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सोमवार को दो माह बाद शुरू र्हुई बस सेवा में पहले दिन बांदा और चित्रकूट ने 62, महोबा ने 20, हमीरपुर ने 28 व राठ डिपो ने 22 बसें चलाईं। मंडल मुख्यालय में रोडवेज बस स्टैंड का निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक संजीव अग्रवाल और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परमानंद ने व्यवस्थाओं का जायजा लिया। बसों में यात्रियों को थर्मल स्क्रीनिंग व हाथों को सैनिटाइज करने के बाद ही प्रवेश दिया गया।
किसी भी बस की सीटें 50 फीसदी भी नहीं भरीं। कानपुर, नोएडा, आगरा, रायबरेली, लखनऊ आदि लंबी दूरी की बसों में तो डीजल खर्च भी नहीं निकल सका। निगम सूत्रों के मुताबिक पहले दिन चलाई गई 112 बसों की सीट क्षमता के मुताबिक 26 लाख रुपये किराया आना चाहिए था, जबकि सिर्फ 11 लाख रुपये ही आए। इस बाबत निगम अधिकारियों का कहना है कि दिन प्रतिदिन यात्रियों की संख्या इजाफा होगा।
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पहले दिन : नौ की लकड़ी नब्बे खर्च
एआरएम परमानंद ने बताया कि बांदा से आगरा का किराया 505 रुपये प्रति यात्री है। इस हिसाब से 52 सीटर बस आने जाने में 52,520 रुपये आना चाहिए था लेकिन 22 हजार रुपये ही आया। इसी प्रकार गोरखपुर का किराया 612 रुपये है। यहां से 63,648 रुपये का राजस्व मिलना चाहिए थे, लेकिन 25 हजार रुपये ही आमद हुई। कमोवेश यही स्थिति बलरामपुर, अजमेर आदि लंबी दूरी की बसों में रही।
नुकसान का अनुमान पहले से था। दो माह बाद बस संचालन शुरू होने व जानकारी के अभाव में यात्री कम निकले हैं। उम्मीद है कि मंगलवार से यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। -संजीव अग्रवाल, क्षेत्रीय प्रबंधक, चित्रकूटधाम मंडल, बांदा।
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