मृतक संविदा चालक के शोकग्रस्त परिजन।
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तिंदवारी/बेंदा (बांदा)। बांदा से लखनऊ जा रही रोडवेज बस में अचानक चालक को हार्ट अटैक हो गया। अटैक से पहले सीने के दर्द के बीच चालक के बस को साधे रहने और 20 किलोमीटर की दूरी तय करके बस को सुरक्षित स्थान पर रोकने से भीतर बैठे यात्री बाल-बाल बच गए। हार्ट अटैक का पूरा प्रभाव होते ही कंडक्टर ने चालक के साथ अस्पताल का रास्ता पकड़ा लेकिन इलाज की कोशिशों के बीच ही चालक ने दम तोड़ दिया।
अजीबोगरीब घटना के केंद्र में आई बांदा डिपो की बस सोमवार सुबह पांच बजे बांदा से लखनऊ के लिए रवाना हुई थी। शहर से करीब 10 किलोमीटर दूर निकलने के बाद बांदा-टांडा नेशनल हाईवे पर महोखर गांव के पास चालक राजाबाबू (40) ने परिचालक राम विशाल को सीने में दर्द होने की जानकारी दी।
हालांकि इसके बाद भी बस चलाना जारी रखा। लगभग 20 किलोमीटर आगे तिंदवारी कस्बे पहुंचने पर चालक ने दर्द असहनीय होने की जानकारी दी और बस को किनारे खड़ा कर दिया। चालक पर बेहोशी छाती देख परिचालक राजाबाबू ने तिंदवारी पीएचसी पहुंचाया। वहां मिले फॉर्मासिस्ट ने हार्ट अटैक बताते हुए कुछ दवा दी और तत्काल जिला अस्पताल ले जाने को कहा। जिला अस्पताल के रास्ते में ही चालक की मौत हो गई। घटना के समय बस में सवारियों की संख्या 40 के आसपास थी। उन्हें दूसरी बसों से रवाना किया गया।
साल 2014 में संविदा पर हुई थी भर्ती
तिंदवारी/बेंदा (बांदा)। चलती बस के बीच दिल के दर्द और फिर हार्ट अटैक के बाद मौत के मुहाने तक पहुंचे राजाबाबू पैलानी थाना क्षेत्र के नरी गांव निवासी थे। छोटे भाई शिव सिंह ने बताया कि वर्ष 2014 में रोडवेज में संविदा पर भाई की भर्ती हुई थी।
सोमवार तड़के बस ले जाने की ड्यूटी होने से वह रविवार शाम ही बांदा डिपो पहुंच गए थे। रात में वहीं सोए और सुबह ड्राइविंग सीट संभालने से पहले फोन पर घर वालों से सामान्य तरीके से बात की। कोई तकलीफ भी नहीं बताई। परिवार में राजाबाबू की पत्नी शांती के अलावा चार बच्चे हैं। रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परमानंद ने बताया कि संविदा कर्मी को अनुबंध के अनुसार मिलने वाली सहायता मृतक के आश्रितों को दी जाएगी।