बांदा। पाठा क्षेत्र में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी रानीपुर वन्य जीव अभ्यारंण्य में लगी भीषण आग पर सामाजिक कार्यकर्ता और आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष सागर दीक्षित ने कहा कि अग्निकांड से कई पौधरोपण जले हैं। इनमें पुराने अंग्रेजी पेड़ भी शामिल हैं। आरोप लगाया कि फर्जी पौधरोपण की चल रही जांच और हाईकोर्ट में दायर याचिका के मद्देनजर सुबूत मिटाने के लिए आग लगाई गई है।
बरगढ़, रुक्माखुर्द आदि क्षेत्रों में एक सप्ताह से आग लगी है। आरोप लगाया कि वन विभाग के नकारापन से महुआ बीनने वाले और शहद निकालने वाले लोग संगठित होकर यह अपराध कर रहे हैं। कमोवेश यही हाल कालिंजर क्षेत्र के जंगल में हुए अग्निकांड का भी है। अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौन साधेे हुए हैं। आरोप लगाया कि बांदा और चित्रकूट के वनाधिकारी की लापरवाही से वन धरोहर तबाह हो रही है।