फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बाढ़ के बाद बीमारियों का खतरा

विज्ञापन
विज्ञापन
बांदा। पिछले माह जनपद के कई इलाकों में यमुना और केन नदियों की बाढ़ से प्रभावित कई दर्जन गांवों में पशुओं में संक्रामक रोग फैलने का खतरा मंडरा रहा है। दूसरी तरफ पशुपालन विभाग पशुओं के टीकाकरण अभियान में कोई रुचि नहीं ले रहा। सक्रियता का आलम यह है कि पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने वाले मुंहपका-खुरपका (एफएमडी) टीकाकरण अभियान की निर्धारित अवधि को एक माह बीत रहा है, लेकिन अभी इसकी शुरूआत नहीं हुई। अधिकारी वैक्सीन की कमी बता रहे हैं।
विज्ञापन

शासन ने पिछले माह 15 सितंबर से न्याय पंचायत स्तर पर टीकाकरण अभियान चालू करने के निर्देश दिए थे। उधर, इन्हीं दिनों बाढ़ का प्रकोप रहा. अब जबकि बाढ़ खत्म हो चुकी है तो बाढ़ प्रभावित रहे गांवों में पशुओं की बीमारी के आसार काफी बढ़ गए हैं, लेकिन टीकाकरण नहीं हो रहा।
पशुपालन विभाग ने जिले के हरेक ब्लाक में 23 टीमों का गठन फाइलों में कर लिया है। दावा किया जा रहा है कि टीमें गांव-गांव जाकर नि:शुल्क टीकाकरण कर रही हैं। अभियान के एक माह बाद भी अधिकांश पशु टीकाकरण से वंचित हैं। पशुपालन विभाग के उप निदेशक मनोज कुमार अवस्थी का कहना है कि शासन से वैक्सीन न आने से टीकाकरण अभियान पिछड़ गया है। खेप आते ही टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें