बांदा। शहर से लेकर देहात तक दुर्गा पूजा के लिए पंडाल सजे हैं। श्रद्धालुओं की भीड़ भी उमड़ रही है, लेकिन सुरक्षा इंतजामों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर में बांदा-प्रयागराज हाईवे पर ही आधा दर्जन से अधिक पंडाल लगे हैं। इनमें कई हाईटेंशन बिजली लाइनों के ठीक नीचे या बेहद करीब हैं। पंडाल सड़क पर होने से श्रद्धालु भी सड़क पर ही खड़े होकर दर्शन करते हैं। ऐसे में बिजली के तारों से हादसे के साथ वाहनों की टक्कर का खतरा भी बना हुआ है।
कोलकाता और ग्वालियर में हुए हादसों के बावजूद यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। पंडाल लगाने की अनुमति देते समय बिजली लाइनों से दूरी, सड़क से पीछे पर्याप्त जगह और श्रद्धालुओं की सुरक्षा जैसे जरूरी पहलुओं की जांच क्यों नहीं की जाती। स्थानीय स्तर पर पुलिस यातायात डायवर्जन करती है, लेकिन कई जगह छोटे वाहन और अन्य गाड़ियां पंडालों के पास से गुजरती रहती हैं। इस तरह की अनदेखी से बड़े हादसे का डर बना रहता है।
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सीन-1
प्रधान डाकघर के पास हाईटेंशन लाइन के नीचे पंडाल
प्रधान डाकघर के पास सड़क पर करीब 25 फीट ऊंचा दुर्गा पंडाल लगाया गया है। इसके ठीक ऊपर से हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। सुबह और शाम यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। पुलिस यातायात डायवर्जन करती है, लेकिन स्थानीय कारों और दोपहिया वाहनों का आवागमन जारी रहता है। इससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
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सीन-2
काली माता मंदिर के पास भी खतरा
अतर्रा रोड पर बाबूलाल चौराहे के पास काली माता मंदिर के नजदीक सड़क पर ही पंडाल बनाया गया है। यहां बड़े वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित किया गया है, लेकिन कार, ऑटो, बाइक और छोटे लोडर गुजरते रहते हैं। कई बार गोदामों से भारी वाहन भी निकलकर आ जाते हैं। पंडाल के बिल्कुल करीब हाईटेंशन लाइन का तार होने से खतरा और बढ़ गया है।
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सीन-3
महाराणा प्रताप चौक पर भी सुरक्षा नाकाफी
चिल्ला रोड स्थित महाराणा प्रताप चौक पर विशाल दुर्गा पंडाल स्थापित किया गया है। यहां सुबह और शाम श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। कानपुर जाने के लिए यह प्रमुख मार्ग होने के कारण यहां यातायात डायवर्जन करना भी आसान नहीं है। दिन और रात में बसों का आवागमन होता है, लेकिन इसके बावजूद सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। ऐसे व्यस्त मार्ग पर पंडाल लगाने से पहले श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित स्थान और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था जरूरी थी।
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वर्जन
कोलकाता और ग्वालियर में हादसों के बाद एक बार फिर से सभी पंडालों की जांच कराई गई है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और रूट डायवर्जन भी है। दशहरा पर प्रतिमाओं का विसर्जन होगा, हालांकि फिर भी हाईटेंशन लाइन के नीचे जो पंडाल हैं, उन्हें अधिकारी भेजकर फिर से चेक कराया जाएगा।
-दिनेश कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट बांदा।
फोटो-10-काली माता मंदिर के पास बना पंडाल एकदम सड़क पर है और पास ही लाइन भी गुजरी है। अमर उजाला
फोटो-10-काली माता मंदिर के पास बना पंडाल एकदम सड़क पर है और पास ही लाइन भी गुजरी है। अमर उजाला