बांदा। रबी की बोआई के बीच जिले में खाद का संकट किसानों की परेशानी बढ़ा रहा है।
बबेरू में सुबह से इंतजार के बाद कई किसान शाम को खाली हाथ लौटे। वहीं तिंदवारी में किसान धरने पर बैठ गए। कालिंजर में खाद वितरण को लेकर हंगामे और विवाद के बाद पुलिस ने सचिव को वहां से निकाला।
बबेरू की प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति में सुबह से ही महिला और पुरुष किसानों की कतारें लग गईं। खाद पाने के लिए किसानों को घंटों इंतजार करना पड़ा। समिति की ओर से 407 किसानों को टोकन देकर खाद वितरित की गई। शेष किसानों को खाद नहीं मिल सकी।
पंडरी निवासी बद्री प्रसाद, बबेरू के देशराज, पतवन के कमलेश और हरदौली के मुकेश समेत किसानों ने बताया कि बोआई के समय एक-दो बोरी खाद के लिए भी सुबह से लाइन लगानी पड़ रही है। समिति के सचिव ने बताया कि टोकन के आधार पर वितरण किया जा रहा है। सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
कालिंजर स्थित कैलास सहकारी संघ में दूसरे दिन भी खाद वितरण के दौरान अव्यवस्था को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ गया। सुबह से शाम पांच बजे तक बड़ी संख्या में किसान खाद मिलने के इंतजार में बैठे रहे। इनमें करीब 50 महिलाएं भी शामिल थीं। खाद नहीं मिलने पर महिलाओं ने भी नाराजगी जताई। हंगामे के बीच वितरण बंद हो गया।
सूचना पर पहुंची पुलिस सचिव को अपनी अभिरक्षा में वहां से ले गई। किसानों ने कर्मचारियों पर खाद वितरण में मनमानी और गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष वितरण की मांग की।
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अतर्रा में चार दिन से भटक रहे किसान
अतर्रा के बदौसा मार्ग स्थित क्रय-विक्रय केंद्र पर मंगलवार को 400 बोरी डीएपी का वितरण किया गया। इसके बावजूद पल्हरी निवासी राजीव और दिवली निवासी एक किसान दोपहर तीन बजे तक खाद के इंतजार में रहे।
किसानों ने बताया कि वे चार दिन से खाद के लिए भटक रहे हैं, लेकिन उन्हें टोकन तक नहीं मिला। समिति के सचिव राम सिंह ने बताया कि उपलब्ध 400 बोरी डीएपी वितरित की जा रही है। देर शाम तक 500 बोरी और आने की उम्मीद है, जिसका वितरण बुधवार को किया जाएगा।
उधर, बी-पैक्स केंद्र पर कर्मचारियों की हड़ताल के चलते ताला लगा है। सचिव रामेंद्र द्विवेदी के अनुसार, केंद्र पर यूरिया और डीएपी उपलब्ध है, लेकिन हड़ताल के कारण वितरण नहीं हो रहा। मंडी परिसर स्थित पीसीएफ केंद्र पर भी टोकन के आधार पर डीएपी बांटी गई। सचिव रामलखन कुशवाहा ने बताया कि केंद्र पर 500 बोरी डीएपी उपलब्ध थी।
समितियों पर ताले, किसान परेशान
तिंदवारी। साधन सहकारी समितियों के सचिवों की हड़ताल से उत्तरी और दक्षिणी सहकारी समिति में पिछले एक सप्ताह से ताले लटक रहे हैं। खाद नहीं मिलने से रबी की बोआई पिछड़ने की आशंका के बीच किसानों ने मंगलवार को खंड विकास कार्यालय में धरना दिया।
किसानों ने खंड विकास अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर खाद वितरण की व्यवस्था कराने की मांग की। किसानों ने कहा कि गेहूं, चना, मटर, सरसों और मसूर की बोआई का समय निकलता जा रहा है। समितियों में तालाबंदी से खाद नहीं मिलने पर फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
उन्होंने प्रशासन से तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था कर खाद उपलब्ध कराने की मांग की। धरने में राजेश पटेल, देव कुमार, विनोद, राजा बाबू, अनुराग, रमाकांत, बलुआ, शिव शंकर, विवेक, चंद्रपाल, चुन्नू सिंह और राममिलन आदि शामिल रहे। (संवाद)
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जसपुरा मंडी में खुलेंगे छह उर्वरक वितरण केंद्र
सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अंसल कुमार ने बताया कि मंगलवार को जसपुरा मंडी का निरीक्षण किया। यहां छह केंद्र खोलकर किसानों को खाद का वितरण कराया जाएगा। दरअसल इस क्षेत्र में बी-पैक्स समितियां बंद होने से खाद के लिए परेशानी हो रही है। इससे पैलानी क्षेत्र को भी राहत होगी। मंडी में संचालित होने वाले केंद्रों से तीन हजार बोरी वितरण का लक्ष्य है।
फोटो-24-कैलास सहकारी संघ के बाहर जमा किसान। संवाद
फोटो-24-कैलास सहकारी संघ के बाहर जमा किसान। संवाद