बांदा। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सोमवार को कलक्ट्रेट सभागार में बैंकर्स की समीक्षा बैठक हुई।
इसमें सरकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण और स्वयं सहायता समूहों के बचत खातों व सीसीएल की बैंकवार और शाखावार समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर एचडीएफसी बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और सेंट्रल बैंक को अंतिम चेतावनी दी गई।
बैठक की शुरुआत डीडीएम नाबार्ड ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान और पीएमएफएमई के निरस्त ऋण आवेदनों की जांच रिपोर्ट के प्रस्तुतीकरण से की। डीएम ने कहा कि बिना उचित और पर्याप्त कारण किसी भी ऋण आवेदन को निरस्त न किया जाए। जिला उद्यान अधिकारी को निर्देश दिए कि जिन आवेदनों में डमी मोबाइल नंबर दर्ज किए गए हैं, उन्हें ऑनलाइन करने वाले डीआरपी का विवरण तीन दिन में उपलब्ध कराया जाए।
जिला अग्रणी प्रबंधक ने योजनावार और शाखावार प्रगति प्रस्तुत की। संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर डीएम ने संबंधित प्रबंधकों और उच्चाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। कहा कि एक माह में प्रगति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो कार्रवाई की जाएगी। एचडीएफसी बैंक, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और सेंट्रल बैंक को अंतिम चेतावनी दी गई।
उपायुक्त उद्योग को निर्देश दिए कि ऋण लेने के बाद अब तक यूनिट स्थापित न करने वाले लाभार्थियों और संबंधित मशीन आपूर्तिकर्ताओं की जांच कर रिपोर्ट कार्रवाई के लिए प्रस्तुत करें। (ब्यूरो)