बांदा। स्वयंसेवी संगठनों की बैठक में गांवों के
सर्वांगीण विकास और अच्छे प्रतिनिधियों को चुनने पर चर्चा की। वक्ताओं ने
कहा कि ऐसे प्रतिनिधि को बिल्कुल न चुनें, जिसके स्थान पर उनके प्रतिनिधि
कार्य करते हों।
साझा मंच जन केंद्रीय विकास महासमिति व लोक हकदारी
मोर्चा के तत्वावधान में पंचायती राज एवं मतदाता जागरूकता अभियान की बुधवार
को यहां स्वराज कालोनी स्थित नीलकंठ बासू गेस्ट हाउस में हुई जिला स्तरीय
बैठक में डा. जनार्दन त्रिपाठी ने कहा कि गांव में बेहतर व अच्छे लोगों की
परख गांव के ही लोगों को करनी होगी।
पूर्व प्रधानाचार्य बाबूलाल
गुप्ता ने कहा कि जो व्यक्ति द्वेष भावना से दूर आपके दर्द को समझे उसे ही
अपना जनप्रतिनधि बनाएं। ग्राम उन्मेष संस्थान के मंगल सिंह व अभ्युदय सेवा
संस्थान निदेशक ममता पांडेय ने कहा कि महिलाएं खुद नेतृत्व नहीं करतीं।
उनकी जगह उनके पति, भाई, बेटा काम करते हैं।
ऐसी महिलाओं को चुनाव
नहीं लड़ना चाहिए और न ही ऐसे लोगों का चुनाव करें। प्रगतिशील किसान व
समाजसेवी पुष्पेंद्र सिंह, जनशिक्षण संस्थान निदेशक एके ओझा, अंबरीष कुमार
ने भी संबोधित किया। रामचरण, रणविजय सिंह, दिनेश, अजय, सत्यनारायण मौजूद
रहे।